नई दिल्ली। लॉकडाउन (Lockdown) के दूसरे चरण में सरकार कारोबार के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान कर सकती है। CEA के वी सुब्रमण्यम ने इस बारे में जानकारी दी। दरअसल 27 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई चर्चा में देश की आर्थिक स्थिति के संबंध में चर्चा की गई थी। मुख्यमंत्रियों से मिले इनपुट के आधार पर लॉकडाउन के अंत तक एक और वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है।

दरअसल लॉकडाउन के चलते देश का आर्थिक विकास पूरी तरह से रूक गया है। इस दौरान सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लिए राहत पैकेज की घोषणा की। जिसके बाद कारोबारी जगत से भी राहत की मांग आने लगी है। आर्थिक गति​विधियों के बंद होने से हर स्तर पर कारोबार को झटका लगा है।

राहत पैकेज में क्या हो सकता है खासः

राहत पैकेज से MSMEs, एक्सपोर्ट्स, एविएशन, कंस्ट्रक्शन सहित उन सेक्टर को राहत मिलेगी जिनमें बड़ी तादाद में मजदूरों की जरूरत होती है। केंद्र सरकार MSMEs को 20 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने की तैयारी कर रही है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि सरकार ऐसे MSME को ‘टर्नअराउंड कैपिटल’ देगी जो कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपने कारोबार को ​नए सिरे से शुरू कर सकें।

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6-7 चरणों में हो सकती है राहत पैकेज की घोषणा

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट की मानें तो, सरकार 6-8 लाख करोड़ रुपये के कुल पैकेज का ऐलान कर सकती है। यह GDP का कुल 3-4 प्रतिशत है। अगले कुछ हफ्तों के दौरान 6-7 चरणों में राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है। छोटे-छोटे चरणों में पैकेज लाने का एक कारण यह है कि आने वाले दिनों में कैसा दौर आएगा उसको लेकर सरकार तैयारी कर रही है।

1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की हो चुकी है घोषणा

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन से प्रभातिव मजदूरों के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा पहले ही कर दी है। इसमें किसान, दिहाड़ी मजदूर, SME सेक्टर शामिल हैं।

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