नई दिल्ली। दिग्गज अमेरिकी दवा कंपनी गिलयिड साइंसेज ने अपनी एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर को भारत में बेचने की इजाजत मांगी है। रेमडेसिवीर दवा को चिकित्सकीय परीक्षणों में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में बेहद प्रभावी माना जा चुका है। इस दवा की मांग दुनिया के सभी देशों में हो रही है। गिलियड साइंसेज ने जल्द ही भारत के केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पास आवेदन करने की तैयारी कर ली है।

क्या है रेमडेसिवीर दवा और कैसे करती है काम

एक अन्य संक्रामक बीमारी इबोला के इलाज के लिए रेमडेसिवीर को तैयार किया गया था। यह एक न्यूक्लियोसाइड राइबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) पोलीमरेज इनहेबिटर सॉलिड इंजेक्शन है, जिसे जीवाणुरहित पानी और खारे पानी में मिलाकर खुराक तैयार की जाती है। रेमडेसिवीर दवा सीधे वायरस पर हमला करती है। यह न्यूक्लियोटाइड एनालॉग की तरह आरएनए और डीएनए के चार बिल्डिंग ब्लॉक्स में से एक एडेनोसिन को हटाकर खुद को चुपके से वायरस के जीनोम में शामिल कर लेती है और फिर उसकी संचालन प्रक्रिया में शार्ट सर्किट से उसे नष्ट कर देती है।

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