रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गोबर को लेकर पॉलिटिक्स (gobar politics)शुरू हो गयी है। छत्तीसगढ़ सरकार के गोबर खरीदने के फैसले के बाद राज्य में सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) ने ट्वीट कर गोबर को राजकीय प्रतीक चिन्ह बनाने की बात कही है। इसके बाद पूर्व मंत्री के इस ट्वीट पर कांग्रेस ने बड़ा पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि आपकी सोच देखकर लगता है कि इस योजना से भाजपा नेताओं को फ़ायदा होगा। कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) ने कहा कि दिमाग में भरे गोबर को बेचें और लाभ कमाएं, इसके कुछ अच्छी चीजें भी दिमाग में घुसेंगी।

https://twitter.com/Chandrakar_Ajay/status/1276390011227631617?s=20

बता दें कि प्रदेश के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने ट्वीट कर कहा कि ‘छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में “गोबर” के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए’।
पूर्व मंत्री के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस ने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर पर तीखा हमला बोला है।

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बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में गौ-पालन को आर्थिक रूप से लाभदायी बनाने तथा खुले में चराई की रोकथाम तथा सड़कों एवं शहरों में जहां-तहां आवारा घुमते पशुओं के प्रबंधन एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में गोधन न्याय योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना की शुरूआत राज्य में हरेली पर्व के दिन से होगी। जिसके बाद राज्य में गोबर पर सि​यासत और बयानबाजी शुरू हो गई है।