टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई (CBSE Board Results 2020) को कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण 10वीं और 12वीं की शेष बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने और जुलाई में होने वाली परीक्षाओं के लिए छात्रों को मार्क्स देने की उसकी मूल्यांकन योजना (असेसमेंट स्कीम) पर आगे बढ़ने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई को परीक्षाओं को रद्द करने के लिए एक अधिसूचना जारी करने की अनुमति दी।

केंद्र और सीबीएसई (CBSE) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मूल्यांकन योजना बोर्ड परीक्षाओं के पिछले तीन विषयों में छात्रों द्वारा हासिल किए गए अंकों पर आधारित होगी। सीबीएसई और आईसीएसई दोनों ने शीर्ष अदालत को बताया कि 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे 15 जुलाई तक घोषित कर दिए जाएंगे।

क्या है असेसमेंट स्कीम फॉर्मूला, जानें शेष परीक्षाओं के लिए कैसे दिए जाएंगे मार्क्स

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सीबीएसई ने कोर्ट में बताया कि असेसमेंट स्कीम के तहत बोर्ड परीक्षा के पिछले तीन पेपरों के मार्क्स के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। असेसमेंट फॉर्मूले के तहत जिनके 3 से अधिक पेपर हो चुके हैं, उन्हें बेस्ट 3 के औसत अंकों पर बाकी सब्जेक्ट में नम्बर मिलेंगे। जिनके 3 पेपर हुए हैं, उन्हें बेस्ट 2 की औसत पर नम्बर मिलेंगे।

12वीं के छात्र अगर चाहें तो बाद में परीक्षा में बैठकर सुधार सकते हैं प्रदर्शन

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि अपने स्कोर को सुधारने के लिए 12वीं के स्टूडेंट्स को ऑप्शनल एग्जाम में बैठने का अवसर दिया जाएगा। अगर 12वीं का स्टूडेंट्स ऑप्शनल परीक्षा में बैठता है, तो इसी परीक्षा के मार्क्स को फाइनल स्कोर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सुधार परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा।