टीआरपी डेस्क। कौन बनेगा करोड़पति में हर साल कोई ना कोई बड़ी ईनामी राशि जीत कर जाता है। लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी बिहार से आए सुशील कुमार ने। सुशील ने पहली बार पांच करोड़ रुपये की ईनामी राशि जीती थी। अब सुशील ने अपने आप बीती बताई है। कैसे केबीसी में जीतने के बाद उनके जीवन का बुरा दौर शुरू हो गया। कैसे उन्हें शराब और सिगरेट की लत लग गई।

दरअसल, सुशील कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ब्यौरवार तरीके से इस बात को साझा किया है। उन्होंने बताया कि केबीसी की जीत के बाद लाइफ काफी मुश्किल हो गई। वह लोकल सेलिब्रेटी बन गए। ऐसे में उन्होंने महीने में दस से पंद्रह दिन बिहार में कहीं न कहीं कार्यक्रम में जाना होता था। पढ़ाई-लिखाई बिल्कुल छूट गई। मीडिया को लेकर वह काफी सीरियस हो गए। बताने के लिए लगातार नया बिजनेस करने लगे, जिसमें काफी पैसा डूब गया।

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लोगों ने भी ठगा

सुशील ने बताया कि इस दौरान उन्हें गुप्त दान देने का चस्का लग गया। वह काफी पैसा दान में देने लगे। इस बीच कुछ ऐसे लोग भी उनके साथ जुड़े, जो उन्हें ठगना चाहते थे। उनके चापलूस लोगों के संबंध पर पत्नी ने टोका भी। इसके चलते पत्नी से भी रिश्ते ख़राब हो गए।

ऐसे लगी शराब की लत

सुशील ने आगे लिखा कि वह इस दौरान कुछ कारें खरीद ली, जिसे दिल्ली में चलवाने लगे। इसके लिए उन्हें दिल्ली का दौरा करना पड़ता था। इस बीच उनकी मुलाकात जामिया मिलिया और आईआईएमसी में मीडिया की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों से हुआ। उनके जरिए जेएनयू में रिसर्च कर रहे लड़कों, थिएटर आर्टिस्ट जैसे लोगों से परिचय हुआ। इनसे मुलकात के बाद उन्हें लगा कि वह काफी कुछ नहीं जानते हैं। परिचय के साथ दोस्ती भी बढ़ी और सुशील को शराब और सिगरेट की लत भी लग गई।

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निर्देशक बनने मुंबई पहुंचे

सुशील ने बताया कि खाली समय में वह हॉलीवुड और हिंदी फ़िल्में देखने लगे। खू़ब सिनेमा देखने लगे, जिसमें सभी नेशनल अवार्ड विनिंग फ़िल्म,ऑस्कर विनिंग फ़िल्म ऋत्विक घटक और सत्यजीत रॉय की फ़िल्में शामिल थी। इसके बाद निर्देशक बनने का सपना जगा। इस सपने को लेकर वह मुंबई पहुंच गए। लेकिन वहां, पहले टीवी में काम करने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रोडक्शन हाउस में काम किया। लेकिन वह भी छोड़ दिया।

अब क्या कर रहे हैं?

सुशील ने लिखते है कि मुंबई में उन्होंने खूब फ़िल्में देखी और किताबें पढ़ी। इस दौरान खुद को समझने का मौका मिला। इसके बाद वह बिहार वापस आ गए और टीचर की नौकरी के लिए तैयारी की। सुशील ने बताया कि अब वह टीचर हैं और साल 2016 से शराब नहीं पी है।

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