टीआरपी न्यूज। अंतरिक्ष में आने वाले दिनों में एक शानदार खगोलीय घटना होने जा रही है। ब्‍लू मून blue moon का यह खूबसूरत दृश्‍य 31 अक्‍टूबर को दिखाई देगा। असल में, एक दुर्लभ घटना के चलते लोगों को आसमान में नीला चांद यानी ब्‍लू मून को देखने को मिलेगा।

बता दें कि दुनिया भर के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को 31 अक्‍टूबर का बेसब्री से इंतज़ार है। माना जा रहा है कि यह अनोखा नज़ारा कई वर्षों के बाद देखने को मिल रहा है। विदेशों में इस दिन हैलोवीन नाम का इवेंट होगा, इसलिए वहां इस ब्‍लू मून का आकर्षण ज्‍़यादा ही बढ़ गया है। इस ब्‍लू मून को उत्‍तरी, दक्षिणी अमेरिका, भारत, एशिया एवं यूरोप के कई देशों में देखा जा सकेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज से 30 साल पहले पूरी दुनिया में एक साथ ब्‍लू मून देखा गया था। इससे पहले भी यह देखा गया लेकिन अलग-अलग जगहों पर। इस बार यह पूरे विश्‍व में एक साथ देखा जा सकेगा। 31 अक्‍टूबर 2020 के बाद ऐसा दृश्‍य अगले 19 साल तक नहीं बनेगा।

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क्‍या है अर्थ ब्‍लू मून का

यदि आप समझ रहे हैं कि चांद पूरा नीले रंग का हो जाएगा तो ऐसा नहीं है। इस घटना को ब्‍लू मून कहा जाता है। लेकिन चांद का पूरा रंग नहीं बदलेगा।

असल में, जब भी एक महीने के भीतर यानी 30 दिनों की अवधि में दो बार पूर्णिमा अर्थात् फूल मून का संयोग घटित होता है तो उसे ब्‍लू मून ही कहा जाता है। अर्थ स्‍काय ने स्‍पष्‍ट किया है कि सोशल मीडिया पर ब्‍लू मून के रूप में नीले रंग का चांद दिखाया जाता है लेकिन यह सच नहीं है।

अब अगली बार 2039 में होगा ब्‍लू मून

इसके बाद अब लोगों को वर्ष 2039 में ब्‍लू मून देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि जब दूसरा वर्ल्‍ड वार हुआ था तब पूरे विश्‍व में ब्‍लू मून एक साथ देखा गया था। अब पूरे 76 साल बाद यह घटना होने जा रही है।

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इसलिए है यह घटना खास

2020 में भी दो बार फूल मून होने जा रहा है। 1 अक्‍टूबर को पूर्णिमा का पहला मौका होगा। इसके बाद 31 अक्‍टूबर को भी पूर्णिमा होगी। अक्‍सर एक साल में 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन इस बार 13 पूर्णिमाएं होंगी।

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