टीआरपी न्यूज़। उत्तर प्रदेश के हाथरस केस ( Hathras case ) में एक किसान ने मुआवजे के मांग की है। इसी किसान के खेत में 19 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप ( Hathras Gangrape case ) हुआ था। किसान का कहना है कि अधिकारियों ने उसे खेतों में जाने से मना कर दिया था, क्योंकि सबूत मिटने का डर था। उसकी फसल बर्बाद हो गई।

बार-बार जांच टीम के जाने से हुई फसल खराब

यूपी के हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ पिछले महीने कथित गैंगरेप हुआ था। इस केस ने पूरे देश को हिला दिया था। अब जिस किसान के बाजरे के खेत में यह घटना हुई थी, उसने मुआवजे की मांग की है। खेत के मालिक का कहना है कि सबूत मिटने के डर से उन्हें अपने खेतों की समय से सिंचाई और कटाई नहीं करने दी गई, जिससे उसके फसल बर्बाद हो गई। उसे उसकी खराब फसल का मुआवजा मिलना चाहिए।

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जयपुर में मजदूरी करे वाला शख्स बीते दिनों हाथरस आकर खेती कर रहा था। उसने कहा, ‘मेरी 9 बीघा जमीन है। उसमें बाजरा बोया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने हमें खेतों में जाने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि अगर हम लोगों ने सिंचाई और कटाई की तो सबूत मिट जाएंगे। हम लोगों के खेतों की समय से सिंचाई और कटाई नहीं हो सकी, इसलिए पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई।’

‘अधिकारियों ने मना किया था खेतों में जाने से’

युवक ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा था फसल के नुकसान की भरपाई करेंगे। युवक ने बताया, ‘हम लोगों से अधिकारियों ने कहा था कि नुकसान की भरपाई के लिए 50,000 रुपये दिए जाएंगे। लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला है।’

CBI, SIT कर चुकी है खेत का दौरा

हाल ही में अपने गांव लौटे शख्स ने कहा कि पुलिस, सीबीआई जांच टीम और पुलिस की विशेष जांच टीम ने सबूत जुटाने के लिए अपराध स्थल का दौरा किया था, इस समय में उसकी फसल सूख गई थी। खेतों में बार-बार जाने से फसल पूरी तरह से बेकार हो गई, वह उसे नहीं काट सका।

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29 सितंबर को हुई थी युवती की मौत

29 सितंबर को पीड़िता की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई थी। सीबीआई ने 13 अक्टूबर से जांच के लिए फील्ड विजिट शुरू किया। एसआईटी 1 अक्टूबर को गांव पहुंची थी। सितंबर से अक्टूबर तक खरीफ के मौसम के दौरान आमतौर पर बाजरा की कटाई की जाती है।

किसान ने बताई मजबूरी, खाने के लाले

किसान ने कहा कि उसके खेत से होने वाली आमदनी से पांच लोगों का परिवार खाता था। जयपुर में वह मजदूरी करता था लेकिन कोरोना लॉकडाउन के बाद सब काम बंद हो गया। वह अपने गांव लौट आया। अब फसल खराब होने के बाद परिवार के सामने खाने के लाले पड़े हैं। युवक ने बताया कि उसके ऊपर 1.6 लाख रुपये का कर्ज भी है।

एसपी ने कहा, जानकारी नहीं

हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सबूत नष्ट करने के मद्देनजर किसान ने अपने खेत की कटाई नहीं की। हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपराध स्थल में कोई भी बदलाव सबूतों से छेड़खानी की श्रेणी में आता है। इस बीच, शनिवार को सीबीआई ने लड़की के घर का दौरा किया और साक्ष्य के साथ पीड़ित के कुछ कपड़े भी लेते हुए उसकी मां से पांच घंटे तक पूछताछ की।

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