नई दिल्ली। (corona vaccine in india) भारत के प्रत्येक नागरिक तक टीका पहुंचाने की प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर डिजीटली तैयारियां हो रही हैं। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जैसे ही कोरोना वैक्सीन आती है उसे प्रत्येक भारतीय तक चुनाव आयोजन की तरह ही सिस्टम पर काम किया जाए।

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि इसके लिए हमने अभी से ऐसी प्रणाली पर काम करना शुरू कर दिया है जिससे यह आसानी से पता चल जाएगा कि किसे वैक्लीन मिली है और किसे नहीं और कितने लोगों तक वैक्सीन पहुंच गई है।

चुनावों की तरह वैक्सीन भी डिजीटल

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया कि जिनको कोरोना वैक्सीन दी जानी होगी उन्हें सबसे पहले एक SMS मिलेगी। जिसमें वैक्सीन लेने का समय, तारीख और जगह के बारे में सबरी जानकारी दी जाएगी। SMS में यह भी जानकारी दी जाएगी कि किसे कितनी डोज दी जाएगी।

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वहीं व्यक्ति को वैक्सीन देने के बाद यह देखा जाएगा कि उस पर दवा का कैसा प्रभाव पड़ा। अगर व्यक्ति पर दवा का कोई गलत असर नहीं पड़ा तो उसे QR आधारित डिजिटल सेटीफिकेट भी दिया जाएगा। इस डिजिटल सेटीफिकेट क रिकॉर्ड आयोग के पास भी सुरक्षित रहेगा।

कहां मिलेगी कोरोना वैक्सीन

वीके पॉल ने बताया कि जिस तरह चुनावों में मतदान के लिए स्कूलों को बूथ के रूप में उपयोग किया जाता है, ठीक वैसे ही कोरोना वैक्सीन के लिए भी स्कूलों में बूथ बनया जाएगा। वैक्सीन पाने वालों को अपने इलाके स्कूलों में बने बूथों पर आना होगा और वैक्सीन लेनी होगी। पॉल के मुताबिक करीब 30 करोड़ लोगों के लिए वैक्सीन आएगी जिसमें 7 मिलियन डॉक्टर और पैरामेडिक्स शामिल होंगे, जिसमें 20 मिलियन अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

बता दें कि पिछले दिनों पीएम मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी और अनेक विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरी प्रक्रिया में एक मजबूत आईटी व्यवस्था होनी चाहिए और व्यवस्था ऐसे बनाई जाए जिसका हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए स्थायी मूल्य हो।

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भारत में तीन कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। ICMR और भारत बायोटेक, जाइडस कैडिला और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई थी कि भारत को दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन मिल जाएगी।

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