नेशनल डेस्क। सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस यानी 31 अक्टूबर को गुजरात को नई सौगात मिलेगी। देश के पीएम मोदी सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आज शनिवार को देश के पहले सी-प्लेन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।

पीएम मोदी ,केवड़िया से साबरमती तक जाने के लिए सी-प्लेन में सवार होकर रवाना हुए। यह सी-प्लेन अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट को केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ता है। सी- प्लेन की सेवा रोजाना पर्यटकों के लिए अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया से अहमदाबाद के बीच उपलब्ध होगी।

इस समय पर उड़ान भरेगी सी-प्लेन

उड़ानें स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल द्वारा संचालित की जाएंगी। शुरुआती तौर पर आज से अहमदाबाद-केवड़िया मार्ग पर दो दैनिक उड़ानें संचालित करेगा। अहमदाबाद से प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे सी-प्लेन उड़ेगा और 10:45 पर केवड़िया पहुंचेगा।केवड़िया से प्रतिदिन सीप्लेन 11:45 पर उड़ेगा और 12:15 पर अहमदाबाद पहुंचेगा। यही सीप्लेन प्रतिदिन 12:45 पर दोबारा अहमदाबाद से उड़ेगा और दोपहर 1:15 पर केवड़िया पहुंचेगा। केवड़िया से ये फिर से दोपहर 3:15 पर उड़ेगा और 3:45 पर अहमदाबाद पहुंचेगा।

See also  भारत में राजनीति अब आसान नहीं, क्योंकि भगवान से भी ज्यादा जानते हैं पीएम मोदी : राहुल गांधी

ये है सी-प्लेन की खासियत

सी-प्लेन की सबसे खास बात यह है कि यह पानी और जमीन दोनों जगह से उड़ान भर सकता है और दोनों ही जगह इसे लैंड कराया जा सकता है।

-ज्यादा लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती है, यह 300 मीटर लंबे रनवे से ही उड़ान भर सकता है, इस वजह से सी-प्लेन के जरिए नदी और तालाबों से भी उड़ान भरा जा सकता है, इसके लिए सिर्फ फ्लोटिंग जेट्टी की जरूरत होती है।

Seaplane की शुरुआत से भारत के हर कोने में हवाई सेवा संभव हो सकेगी. जहां पर एयरपोर्ट नहीं हैं, वहां भी यह आसानी सेवा दे सकता है इससे पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने की संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।

See also  दुर्ग विवि कुलसचिव ने दो सेमेस्टर की अंकसूची एक ही दिन में हासिल किया..! SFI का आरोप- 'जांच कमेटी ही कुलदीप के ही करीबी'

-सेवा के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है, यह समुद्र, तालाब और नदी में लैंड करने की क्षमता रखता है, जिससे छोटे शहरों में भी हवाई सेवा की शुरुआत संभव हो सकेगी। कनाडा में सी-प्लेन सेवा सबसे अधिक है।

 -का इस्तेमाल समुद्री बचाव अभियान और जंगलों की आग बुझाने में भी किया जा सकेगा।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें।एक ही क्लिक में पढ़ें The Rural Press की सारी खबरें।