टीआरपी डेस्क। इस बार नरक चौदस और लक्ष्मी पूजन एक ही दिन मनाया जाएगा। दीपावली पर इस बार 499 साल बाद तीन ग्रहों का दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा। जिसके वजह से नरक चौदस और लक्ष्मी पूजन एक ही दिन किया जाएगा। इससे पहले ऐसा योग सन 1521 में बना था। हालांकि ऐसे होने के कारण तिथि को लेकर लोगों में कन्फूशन की स्थिति बनी हुई है। 

कार्तिक मास की त्रयोदशी इस साल 13 नवंबर की है। नरक चतुदर्शी व दिवाली 14 नवंबर को है। कार्तिक मास की त्रयोदशी से भाईदूज तक दीवाली त्योहार मनाया जाता है, लेकिन इस बार छोटी व बड़ी दीवाली एक ही दिन है।

वहीं धनतेरस दिवाली के दो दिन पहले मनाई जाती थी, लेकिन इस बार धनतेरस दिवाली के एक दिन पहले पढ़ रहा है। वैसे ही छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी और दिवाली तीनों एक ही दिन पढ़ रहा है इस वजह से तिथियों को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन बना हुआ है इस लिए इस खबर में हम आपको धनतेरस, छोटी दिवाली और दिवाली का शुभ मुहर्त बताएगें।

See also  NGT ने दिए निर्देश, दीवाली में 2 घंटे ही फोड़ सकेंगे पटाखे

धनतेरस 2020

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, त्रयोदशी 12 नवंबर की शाम से लग जाएगी। ऐसे में धनतेरस की खरीदारी 12 नवंबर को भी की जा सकेगी। हालांकि उदया तिथि में त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में धनतेरस 13 नवंबर को मनाया जाएगा।

छोटी दिवाली 2020 या नरक चतुर्दशी

इस साल छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी 14 नवंबर को मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी पर स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5:23 से सुबह 6:43 बजे तक रहेगा। चतुर्दशी तिथि 14 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक ही रहेगी। इसके बाद अमावस्या लगने से दिवाली भी इसी दिन मनाई जाएगी।

दिवाली 2020

14 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 16 मिनट से अमावस्या लगेंगी और 15 नवंबर की सुबह 10.00 बजे तक ही अमावस्या तिथि रहेगी। अमावस्या तिथि में रात में भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। ऐसे में दिवाली भी इस साल 14 नवंबर को मनाई जाएगी।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube पर हमें subscribe करें।

See also  ईरान-इजरायल जंग का भारत में असर! गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट, कश्मीर के कई हिस्सों में इंटरनेट बंद