नई दिल्ली। (Moderna Corona Vaccine) कोरोना को मात देने मॉडर्ना ही नहीं कोरोना वैक्‍सीन के लिए भारत सरकार दूसरी बायोटेक कंपनियों से लगातार बातचीत कर रही है। इनमें फाइजर, सीरम इंस्टिट्यूट, भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला शामिल हैं।

अमेरिका की मशहूर बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को मॉडर्ना ने दावा किया था कि उसकी वैक्‍सीन कोरोना वायरस के खात्‍मे में 94.5 पर्सेंट कामयाब है। मॉडर्ना ने कहा था कि कोविड-19 के खिलाफ टीके- एम आरएनए-1273 के तीसरे चरण के अध्ययन के लिए नियुक्त स्वतंत्र डेटा सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीएसएमबी) ने टीके को 94.5 प्रतिशत प्रभावी पाया है।

इससे पहले फाइजर की वैक्सीन ने भी इस महामारी के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा प्रभाव दिखाया है। माना जा रहा है कि अमेरिका दिसंबर तक दो वैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी दे सकता है। इसके साथ ही इस वर्ष के अंत (2020 के अंत) तक वैक्सीन के 6 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगे।

देसी वैक्‍सीन भी तीसरे फेज में

कोरोना वायरस महामारी के बीच देसी वैक्सीन के मोर्चे पर सुकून वाली खबर है। भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ ट्रायल के फाइनल स्टेज में है। इस वैक्सीन कैंडिडिट के दो चरणों के ट्रायल सफल रहे हैं और फिलहाल तीसरे फेज का ट्रायल जारी है।

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