टीआरपी डेस्क। अगर आप भी Google pay से पेमेंट करते हैं तो सावधान हो जाइए। गूगल पे पर लोगों का पर्सनल डाटा स्टोर करने का बड़ा आरोप लगा है। इसी मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में 14 जनवरी को सुनवाई होनी है।
अभिजीत मिश्रा की ओर से दायर याचिका के मुताबिक Google pay ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम का उल्लंघन कर रहा है। याचिका के मुताबिक गूगल पे ग्राहकों से पेमेंट करते समय उनकी पर्सनल जानकारी ले रहा है।
आरोप के मुताबिक कंपनी पेमेंट करते समय लोगों के आधार और बैंक से जु़ड़ी जानकारी लेकर अपने पास स्टोर कर रही है। यह प्राइवेसी के अधिकारों के नियमों का उल्लंघन है। प्राइवेसी अधिकारों का हनन कानूनी तौर पर जुर्म है। अपराध साबित होने पर इस मामले में कड़ी सजा का प्रावधान है।
नियमों का पालन नहीं कर रही कंपनी
अभिजीत मिश्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कंपनी आधार कानून 2016, पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम कानून 2007 और बैंकिंग नियमन कानून 1949 का कथित रूप से उल्लंघन कर रहा है जो सरासर गलत है। अगर मामला साबित होता है तो कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है।
जस्टिस प्रतीक जलान और विभू बाखरु की पीठ में यह याचिका दायर की गई है। पीठ ने याचिकर्ता को सभी जानकारी मुहैया कराने को कहा है। वहीं याचिकर्ता का कहना है कि Google pay समेत इस तरह के मामलों की सभी जनहित याचिकाओं की जानकारी दी जाए। इस मामले के साथ ही गूगल तीसरी बड़ी विदेशी कंपनी बन गई है जिसके खिलाफ भारत में नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। इससे पहले कल ही ईडी ने एमेजॉन और फ्लिफकार्ट के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।


