राज्य स्तरीय मीडिया विमर्श में दी गई जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पहले चरण में लगभग 2.67 लाख स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोवीड-19 टीकाकरण का प्रबंध करेगी, जिसमें मितानिन और आंगनवाडी कार्यकर्ता भी शामिल हैं। यह घोषणा राज्य-स्तरीय मीडिया परामर्श के दौरान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने की। टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी 2021 से होगी।

डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि कोरोना वारियर्स के टीकाकरण के बाद 50 साल से उपर के लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना है। फिलहाल जिन्हें भी टीके के लिए ऑनलाईन पंजीकृत किया गया है, उसमे अगर कोई छूट गया है तो वह संबंधित पोर्टल में अपनी एंट्री करवा सकता है। टीके के बाद अगर किसी के स्वास्थ्य में खराबी आती है तो वह संबंधित नंबर पर फोन करने के अलावा 104 नंबर पर कॉल कर सकता है।

टीके की प्रामाणिक खबरें लगाने की अपील

इस मौके पर छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ के प्रमुख जॉब ज़करिया ने मीडिया को असत्य खबरों और टीके से जुड़ी गलत जानकारी के बारे में आगाह किया। उन्होंने मीडिया से अनुरोध किया कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ डेटा और जानकारी की वास्तविक जाँच करें और केवल प्रामाणिक स्रोतों द्वारा साझा की गई जानकारी पर ही भरोसा करें।

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उन्होंने कहा की भारत में अब तक के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है, जिससे लाखों लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने आगे कहा कि “मीडिया और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने, संचार सामग्री के विकास और कोल्ड चेन प्रबंधन में राज्य सरकार को सहयोग करने के लिए यूनिसेफ प्रतिबद्ध है।”

7,116 वैक्सीनेटर्स को दिया गया प्रशिक्षण

राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि टीकाकरण के लिए राज्य के सभी 28 जिलों में 1349 केंद्रों की स्थापना की गई है। इसमें सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाएं, स्कूल, सामुदायिक हॉल, ग्राम पंचायत और नगर पालिका भवन शामिल हैं। राज्य में कुल 7,116 वैक्सीनेटरों की पहचान की गई है और उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। टीकों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन के लिए, 85,000 लीटर कोल्ड चेन स्थान के साथ 630 फंक्शनल कोल्ड चेन पॉइंट उपलब्ध कराए गए हैं, और साथ ही 81 अतिरिक्त कोल्ड चेन पॉइंट स्थापित किए जा रहे हैं। कुल 29,000 वैक्सीन वाहक और 1,311 कोल्ड बॉक्स का उपयोग सत्र स्थलों पर वैक्सीन ले जाने के लिए किया जाएगा। इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के डॉ प्रणितकुमार, यूएनडीपी के अंशुमान मोइत्रा सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रायोजित और UNICEF, WHO और UNDP द्वारा समर्थित किया गया।

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