टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत मे 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। प्रदेश में 18 जनवरी को द्वितीय चरण की शुरुआत की जानी थी। मगर इसे स्थगित कर दिया गया है।

प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 97 सेन्टरों में 16 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत की गई है। पहले चरण में फ्रन्ट लाइन वर्करों को टीका लगाया गया। जिनमें सफाई कर्मी से लेकर एम्स रायपुर के डायरेक्टर नितिन नागरकर भी शामिल हैं। जिन्हें टीका लगाया गया पहले दिन उनमें से एक व्यक्ति पर टीकाकरण के साइड इफेक्ट देखने को मिले। जिसे डॉक्टरों की देखरेख में और इलाज के लिए मेकाहारा में भर्ती किया गया। बताया जा रहा है कि टीका लगने के बाद उसे बुखार आ गया था। हालांकि आज उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

टीकाकरण के साइड इफेक्ट से संबंधित देश भर से आई रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ में टीकाकरण की स्पीड को पहले की अपेक्षा धीमा कर दिया गया है। 18 जनवरी से राजधानी रायपुर के खरोरा, धरसींवा और आरंग सहित प्रदेश भर में टीकाकरण के नए सेंटरों की शुरुआत होना था।

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टीकाकरण कार्यक्रम के प्रदेश प्रभारी अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि 16 जनवरी से जितने भी साइट चालू थे उसमें पूरे प्रदेश में 97 जगह पर अभी भी चालू है। हम ने निर्णय लिया है कि 18 जनवरी से कोई भी साइट नहीं बढ़ाए हैं। कुछ समस्याएं आ रही थी। जिसमें कोविन पोर्टल और दूसरी समस्याएं आ रही थी।

16 जनवरी से जितने साइट चालू थे वो ही इस सप्ताह चालू रहेंगे। साथ ही हम स्लो ही जाना चाहते हैं अगर किसी भी तरह की समस्याएं आती है तो उसे हम पहले ही समझ लें उसके बाद हम बढ़ा लेंगे। देश भर में इस तरह की रिपोर्ट आई थी उनमे माइनर साइड इफेक्ट्स ही देखने मिले हैं। 16 जनवरी को 5593 लोगों को टीका लग चुका है। 9700 का टारगेट था।

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