टीआरपी डेस्क। कृषि कानूनों पर चल रही सियासत के बीच प्रदेश में भाजपा के किसान आंदोलन पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए आंदोलन नहीं बल्कि प्रायश्चित करना चाहिए।

अगर भाजपा नेताओं को लगता है कि निजी मंडियों में फसलों की अधिक कीमत मिल सकती है, तो उन्होंने अपना धान किसी निजी मंडी में अधिक कीमत में बेचकर किसानों के सामने उदाहरण पेश क्यों नहीं किया।

समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य पर धान बेचकर दिखा दें भाजपाई नेता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि वे छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को चुनौती देते हैं कि वे अभी भी अपना बचा हुआ धान देश के किसी भी निजी मंडी में ले जाएं और समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य पर धान बेचकर दिखा दें। उन्होंने कहा है कि अगर वे मूल्य पा भी जाएं तो राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिलने वाली राशि कहां से जुटाएंगे यह भी बता दें।

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उन्होंने कहा है कि भाजपा आंदोलन नहीं बल्कि अपने किसान विरोधी नीतियों के लिए प्रायश्चित करें क्योंकि आज भी धान खरीदी में भाजपा की केन्द्र सरकार बाधायें डालने में ही लगी है। भाजपा धान खरीदी के मुद्दे पर सिर्फ विरोध के नाम पर विरोध कर रही है। किसानों को गुमराह करने के लिये भाजपा आंदोलन कर रही है। भाजपा के बड़े नेताओं ने दिसंबर में ही अपना धान बेच लिया और किसानों की धान खरीदी में केन्द्र सरकार से बाधायें डलवा रहे हैं।

कृषि कानूनों पर किया सवाल

तीनों किसान कानूनों पर बड़ा सवाल खड़े करते हुये मोहन मरकाम ने पूछा है कि भाजपा के सारे नेताओं ने छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद में ही अपना धान बेचा। भाजपा नेता को अपना धान ट्रक 407, मैटाडोर, छोटा हाथी में भरवाकर देश के किसी अन्य राज्य में छत्तीसगढ़ से ज्यादा दाम में धान बेचकर उदाहरण प्रस्तुत करती है, जबकि भाजपा के बड़े-बड़े नेता बार-बार किसान को देश के किसी भी राज्य में अपने कृषि उत्पाद मिलने की छूट का गुणगान कर रहे हैं।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि जब एक बार केंद्र सरकार की ओर से 60 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदी की बात कही गई थी तो अब सिर्फ 24 लाख मीट्रिक टन की ही अनुमति क्यों दी गई है? हमें अगर अपनी मांग के अनुसार केंद्र से वादा ना मिल गया होता तो धान खरीदी और सुव्यवस्थित हो पाती।

चुनौतियों के बाद भूपेश बघेल की सरकार बेहतर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा सरकार ने अपने अंतिम कार्यकाल के वर्ष 17-18 में सिर्फ 12 लाख किसानों का धान खरीदा। कांग्रेस की सरकार इस साल अभी तक जब धान खरीदी के 10 दिन बचे हुए हैं, 18.28 लाख किसानों का धान खरीद चुकी है। भाजपा सरकार के समय से 6.28 ज्यादा और 20.68 हेक्टेयर रकबा का धान रकबा का खरीद चुकी है। अभी तक धान खरीदी की जा रही है। पंजीयन में 21.52 किसानों का हुआ है।

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मरकाम ने कहा कि भाजपा की सरकार के मुकाबले इस साल 82 टन धान खरीदा जा चुका है, जबकि उस साल पूरे समय में 56.88 लाख धान की खरीदी हुई है। इससे स्पष्ट है कि इन सारी चुनौतियों के बाद कांग्रेस की सरकार, भूपेश बघेल की सरकार बेहतर तरीके से ज्यादा धान खरीदी कर रही है।

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