टीआरपी डेस्क। हाल ही में मुंबई हाई कोर्ट ने नाबालिग के साथ हुए Sexual assault पर एक बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट के इस फैसले को लेकर कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे है।

POCSO के तहत Sexual assault नहीं

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि किसी नाबालिग को ‘स्कीन टू स्कीन कॉन्टैक्ट’ के बिना छूना POCSO के तहत सेक्सुअल असॉल्ट नहीं है। यौन हमले केस की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा कि किसी गतिविधि को यौन हमले की श्रेणी में तभी माना जाएगा, जब ‘यौन इरादे से स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट’ हुआ हो। फैसले में यह भी कहा गया कि ‘सिर्फ जबरदस्ती छूना’ यौन हमले की श्रेणी में नहीं आएगा।

कोर्ट के इस फैसले पर कई लोग ने अपनी नाराजगी जाहिर की हैं। बॉलीवुड की कई हस्तियों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने कहा, ” मैंने बहुत देर कोशिश की लेकिन अभी भी मेरे पास अभी भी ये समझाने के लिए शब्द नहीं है कि मैं इस वक्त कैसा महसूस कर रही हूँ। ” उन्होंने एक और ट्वीट किया, ” अब समझ आया, हेप्पी नेशनल गर्ल चाइल्ड डे”

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इसके अलावा एक्टर रितेश देशमुख ने भी इस खबर पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा, ”प्लीज कह दो कि ये फेक न्यूज है।”

पहले सेक्सुअल असॉल्ट का दोषी ठहराते हुए सुनाई गई सजा

बता दें, इससे पहले 12 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने के लिए 39 वर्षीय व्यक्ति को यौन हमले का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गयी थी। लेकिन बाद में जस्टिस पुष्पा गनेड़ीवाला की सिंगल जज बेंच ने फैसला सुनाते हुए आरोपी के कन्विक्शन में बदलाव किया। आरोपी को POCSO अधिनियम की धारा-8 के तहत बरी कर दिया गया, जिसमें उसे तीन साल की न्यूनतम सजा मिल सकती थी।  

जानकारी अनुसार, यह केस 2016 का है। आरोपी अमरूद देने के बहाने नाबालिग को अपने घर ले गया था। जहां उसने पीड़िता के साथ छेड़खानी की। जब वहां नाबालिग की मां पहुंची तो उसने बेटी को रोते हुए पाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ तुरंत एक एफआईआर दर्ज कराई गई।

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