नेशनल डेस्क। पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र जो किसी भी देश की आर्थिक उन्नति में बहुत बड़ी भागीदारी रखता है। हमारे देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day) मनाया जाता है।

भारत अपने खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए पूरे विश्व में विशेष स्थान रखता है। जो पर्यटकों को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, खेल, ग्रामीण, चिकित्सा, शैक्षिक, व्यापार, धार्मिक और पर्यावरण के रूप में पर्यटन प्रदान करता है।

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस का उद्देश्य

पर्यटन के महत्व और इसके राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और वित्तीय मूल्य पर सभी समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

National Tourism Day की शुरुआत कैसे हुयी ?

भारत सरकार द्वारा पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत लोगों को पर्यटन के महत्व और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका के बारे में जागरूक करने के लिए किया गया।

भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 31 अक्टूबर 2013 को गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा का निर्माण करवाया। यह प्रतिमा अमेरिका के ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ की ऊंचाई से दोगुनी और रियो डी जनेरो में ‘क्राइस्ट द रिडीमर’ से चार गुनी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे के मैप पर विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा को मिलाने के लिए 17 जनवरी 2021 को आठ ट्रेनों को रवाना किया।

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देश के अन्य क्षेत्रो में भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास किये जा रहे हैं। जिसमे छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के पहले चरण में आने वाले आठ स्थलों को विकसित करने का काम शुरू किया गया है।

जशपुर जिले के बालाछापर गांव में भी ट्रायबल टूरिज्म एथनिक रिसोर्ट का निर्माण किया गया है। जिसमे कला संस्कृति , पुरातात्विक संसाधन और आदिवासी जीवन शैली से जोड़ने का काम किया गया है।

इसके आलावा आगरा का ताज महल ,दिल्ली का लाल किला, आमेर का किला, हुमायूं का मक़बरा, उदयपुर का सिटी पैलेस, जैसलमेर का सोनार किला, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, जयपुर का हवा महल, जंतर मंतर के साथ-साथ और भी पर्यटन स्थल है। जो देश की संस्कृति , सभ्यता और रोज़गार को बढ़ावा देते हैं।

भारत में पर्यटन से लाभ

पर्यटन मंत्रालय देश में पर्यटन के विकास के लिए राष्ट्रीय नीतियों को बढ़ावा देता है। यह केंद्रीय, राज्य और सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों का समन्वय करता है। पहली बार, 1948 में, केंद्र सरकार ने भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक पर्यटन समिति का गठन किया।

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2019 की फिक्की-यस बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यटन उद्योग ने वर्ष 2018 में $ 247.3 बिलियन का उत्पादन किया। इसने देश के सकल घरेलू उत्पाद का 9.2% योगदान दिया है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों का कहना है कि 7.7% से अधिक भारतीय कर्मचारी पर्यटन उद्योग में काम करते हैं।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा अपने कर्मचारियों को अनेक प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें व्यवहारिक रूप से ,जानकारी व इतिहास से इतना सक्षम बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी पर्यटक को अपनेपन का एहसास हो। केंद्र सरकार ने साल 2023 तक पर्यटन से 100 अरब डालर का राजस्व का लक्ष्य रखा है। यह फ्रांस और स्पेन की तुलना में काफी अधिक है । साथ ही आत्मनिर्भर भारत बनाने का और नव युवकों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने की अच्छी योजना है।

जीडीपी में पर्टयन का बड़ा योगदान

पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। साल 2017 में, पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया था। साल 2018 में 9.2 फीसदी जीडीपी में योगदान था, जिससे देश को 16.91 लाख करोड़ का फायदा हुआ था। देश में 8.1 फीसदी रोजगार पर्यटन से मिल रहा है।

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अभी तक के आंकड़ों के अनुसार भारत के पर्यटन उद्योग से लगभग 7.7% लोग अपनी आजीविका चलाते हैं। पर्यटन के क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति के कारण आर्थिक सुधार और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास हुआ है।

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