चिनूक हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मशीन के साथ चमोली पहुंचा
चिनूक हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मशीन के साथ चमोली पहुंचा

नेशनल डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले के ऋषिगंगा और तपोवन टनल में एक बार फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है। पानी भरने की सूचना के बाद लगभग डेढ़ घंटे के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन को रोका गया था।

जिसके बाद में हालात का जायजा लेने के लिए एयर फोर्स की टीम ने आपदा ग्रस्त ग्लेशियर और 10 गांव का दौरा किया। जिसके बाद स्थिति को सामान्य पाने पर एक बार फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

चमोली में तपोवन विष्‍णुगाड परियोजना की टनल में फंसे लोगों को रेस्‍क्‍यू करने में पल-पल नई चुनौती पेश आ रही है। बुधवार मध्‍यरात्रि ड्रिल करके काम कर रही टीम का पता लगाने की जिस रणनीति पर काम शुरू किया गया था, सुबह ग्‍यारह बजे उसे बदलना पड़ा।

अब फिर से मुख्‍य टनल की सफाई कर टी प्‍वाइंट की तरफ बढ़ने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया गया है। छह मीटर ड्रिल के बाद लोहे का जाल और कंक्रीट की मजबूत सतह मिलने के चलते और गहराई में ड्रिलिंग संभव नहीं हो पा रही है।

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इसीलिए ड्रिलिंग रोककर अब फिर से मुख्‍य टनल से मलबा हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। टनल के भीतर रविवार से 34 लोग फंसे हुए हैं। ये सभी फलशिंग टनल में काम करने गए थे। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बचाव अभियान के तहत हम कल तक सुरंग में मलबा हटाने का काम कर रहे थे। अंदर देखने के लिए हमने छोटी सुरंग में ड्रिलिंग भी शुरू की थी, लेकिन मशीन के टूटते ही इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

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