पुलिस का कारनामा: जिंदा किशोरी को मुर्दा दिखाकर तीन लोगों को भेजा जेल

टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में पुलिस का हैरान कर देने देने वाला कारनामा सामने आया है। पुलिस के इस हैरतअंगेज कारनामे को सुनकर सुनकर चौंक उठेंगे।

दरअसल, परिक्षितगढ़ थाना पुलिस ने एक जिंदा किशोरी को मुर्दा दिखाकर तीन लोगों को जेल भेज दिया। वहीं जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ तो एडीजी भी अचंभित रह गए . मामले की जानकारी मिलते ही एडीजी ने जांच बैठा दी। एडीजी ने इस मामले में एसपी देहात से रिपोर्ट मांगी है।

जानिए क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के मुताबिक, बागपत के खेकड़ा निवासी किशोरी का अपहरण और हत्या का मुकदमा परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज कराया गया था। परीक्षितगढ़ पुलिस ने खुलासा किया था कि कपिल और उसके भाई अमित निवासी बागपत ने किशोरी का अपहरण किया और सरधना के छुर गांव में अपने मामा बालेंद्र के घर रखा। इसके बाद 4/5 दिसंबर 2020 को किशोरी की हत्या कर लाश को गंगनहर में फेंक दिया गया।

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मामले में पुलिस ने कपिल, अमित और बालेंद्र को अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में तीन जनवरी 2021 को को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।इसके बाद मामले में एक ट्विस्ट आया . मामले के खुलासे में पता चला कि जिस किशोरी के अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, वह जिंदा है। वह वर्तमान में वैश्य अनाथालय में है। 

मामले में बाल कल्याण समिति सदस्य सेवानिवृत्त शिक्षक प्रवक्ता डॉ. हरीश शर्मा और सेवानिवृत्त सीओ राजन त्यागी ने खुलासा करते हुए पुलिस से संपर्क किया है। इसके बाद परीक्षितगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। 

वहीं, किशोरी को आठ फरवरी 2021 को परीक्षितगढ़ पुलिस के दरोगा सत्यवीर सिंह के सुपुर्द किया गया। किशोरी के बयान दर्ज कराए गए. इस मामले में एडीजी राजीव सभरवाल ने जांच बैठा दी है और एसपी देहात से रिपोर्ट मांगी है।

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