एम्स रायपुर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम चोरमा में कोरोना संक्रमित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के दहशत ने महिला ने अपनी जान दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चोरमा निवासी मणीशंकर कश्यप रोजी-मजदूरी करते हैं और उनकी पत्नी रानी कश्यप गृहणी थीं। करीब छह दिन पूर्व रानी की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके चलते वह तखतपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज कराने आई थी।

होम आइसोलेशन में रहकर दवाई ले रही थी महिला

इस दौरान उनकी कोरोना की जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पाजिटिव आई। इस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें कोरोना कीट (दवाइयां) देकर घर में रहने की सलाह दी। इसके बाद पति-पत्नी दवाई लेकर गांव चले गए। तब से रानी कश्यप होम आइसोलेशन में रहकर दवाई ले रही थी। इस दौरान पति, बेटा व बेटी उससे दूर रहने लगे थे। शनिवार की सुबह रानी का बेटा सुनील कश्यप अपनी मां को देखने गया, तब उसकी लाश फंदे पर लटक रही थी। उसने इस घटना की जानकारी अपने पिता को दी। फिर कुछ ही देर में खबर गांव में फैल गई। इस बीच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी गांव पहुंच गई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

See also  कोरोना वायरस से भी ज्यादा घातक था Influenza Virus, 100 साल पहले करोड़ों भारतीयों ने गंवाई थी जान

महिला के आत्महत्या करने के बाद यह भी पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। दरअसल, अस्पताल में बेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में दवाई देकर उन्हें घर भेज दिया जा रहा है। इसके बाद उनका हाल चाल जानने वाला भी कोई नहीं है। मरीज के स्वजन ही उनकी देखरेख कर रहे हैं। तबीयत बिगड़ने व आक्सीजन की जरूरत होने पर ऐसे मरीजों को भटकना पड़ रहा है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर