सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम : आज से नए वित्त वर्ष में सस्ता सोना खरीदने का पहला मौका, 21 मई तक कर सकते हैं निवेश
सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम : आज से नए वित्त वर्ष में सस्ता सोना खरीदने का पहला मौका, 21 मई तक कर सकते हैं निवेश

नई दिल्ली। कोरोना काल के बीच आज से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली बिक्री शुरू हो रही है और 21 मई तक चलेगी। सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,777 रुपए तय की गई है। यानी प्रति 10 ग्राम की कीमत 47770 रुपये होगी।

इस साल सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल 6 किस्तें जारी करेगी। बता दें जो लोग इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट भी मिलेगा।

जानिए क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड होता है। इसे डीमैट के रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है। यदि बॉन्ड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बॉन्ड की कीमत होगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। जहां तक शुद्धता की बात है तो इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको भुना सकते हैं।

See also  बाजार में आया सोना और हीरे जड़ित एक करोड़ का आईफोन

इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बॉन्ड को भुनाते वक्त पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है। यह बॉन्ड RBI सरकार की ओर से जारी करता है।

कितना सोना खरीद सकते हैं?

कोई शख्स एक वित्त वर्ष में कम से कम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। जिसकी कीमत 1.91 करोड़ रुपए होगी। हालांकि किसी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है। यानी अधिकतम 1.91 करोड़ रुपए का निवेश कर सकते हैं।

इसे खरीदना है आसान

गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए आपको किसी ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है।
इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड बॉन्ड के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी।
पहली सीरीज में निवेश करने पर आपके डीमैट अकाउंट में 25 मई को गोल्ड बॉन्ड डिपॉजिट हो जाएगे हैं।

See also  लॉकर रिपेयरिंग के दौरान SBI से 70 तोला सोना और डायमंड उड़ाने वाले आरोपी गिरफ्तार 

ऑफलाइन भी कर सकते हैं निवेश

आरबीआई ने एसजीबी में निवेश के लिए कई तरह के विकल्प दिए हैं। बैंक की शाखाओं, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल) के जरिए इसमें निवेश किया जा सकता है। निवेशक को एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आपके अकाउंट से पैसे कट जाएंगे और आपके डीमैट खाते में ये बॉन्ड ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। निवेश करने के लिए पैन नंबर होना अनिवार्य है।

PAN है जरूरी

एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेशक PAN जरूरी है। सभी कामर्शियल बैंक (आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर), डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।

इसमें निवेश करना कैसा रहेगा?

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि सोने में लम्बे समय के लिए निवेश सही रहता है, क्योंकि इससे इस पर होने वाले उतार चढ़ाव का असर नहीं होगा और आपको सही रिटर्न मिल सकेगा। सोने में कम से कम 3 से 5 साल के लिए रिटर्न करना सही रहेगा। आने वाले 1 साल की बात करें तो सोना 58 से 60 हजार तक जा सकता है। ऐसे में इस स्कीम में निवेश करना सही कदम साबित हो सकता है।

See also  रेलवे के पूर्व अधिकारी से 1.57 करोड़ नकदी और 17 किलो सोना बरामद 

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर