पाठ्य पुस्तक निगम
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम को हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका,

बिलासपुर। हाई कोर्ट से छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम को तगड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने प्रिंटर टेक्नो प्रिंट्स, रामराजा प्रिंटर्स और प्रगति प्रिंटर्स के ब्लैकलिस्टिंग आदेश पर स्थगन दिया है.

हाई कोर्ट में आज न्यायमूर्ति जस्टिस गौतम भादुरी की बेंच में WPC 1325/2021,Wpc 1305/2021,Wpc 1286/2021 के माध्यम से टेक्नो प्रिंट्स, रामराजा प्रिन्टर और प्रगति प्रिंटर्स को पाठय पुस्तक निगम द्वारा 2 जनवरी 2021 को काली सूची में डाले जाने के विरुद्ध याचिका में अंतरिम आदेश पारित हुआ|

याचिकाकर्ता की ओर से ए वही श्रीधर आशुतोष पाण्डेय,शशांक ठाकुर, एवं हिमांशू सिन्हा ने पैरवी की. अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि पाठय पुस्तक निगम और उपरोक्त प्रिंटर्स के बीच अनुबंध की जिस कंडिका के तहत काली सूची में डाला गया,वो कंडिका कानूनी प्रावधानों के विपरीत है. साथ ही पाठय पुस्तक निगम द्वारा बिना कारण बताओ नोटिस एवं बिना उचित सुनवाई के मौका दिए काली सूची में डाला गया जो कि विधि विरुद्ध है।

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न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए,पाठय पुस्तक निगम द्वारा तीनों प्रिंटरों को काली सूची में डाले जाने वाले आदेश पर स्थगन दिया| इससे पहले 19 मई 2021 को उच्च न्यायालय बिलासपुर में न्यायमूर्ति गौतम भादुरी की एकलपीठ के द्वारा उपरोक्त प्रिंटरों के काली सूची में डाले जाने के विरुद्ध प्रस्तुत याचिका पर अंतरिम राहत देने पर सुनवाई हुई थी, जिस पर न्यायमूर्ति द्वारा उपरोक्त स्थगन आदेश दिया गया| वहीँ, पाठय पुस्तक निगम की तरफ से सीनियर अधिवक्ता निर्मल शुक्ला एवं साथी अधिवक्ता अर्जित तिवारी ने मामले में पैरवी की.

बता दें कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम को एक ऐसे ही मामले में सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लग चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने पाठ्य पुस्तक निगम के द्वारा प्रिंटर शारदा ऑफसेट के ब्लैकलिस्टिंग आदेश पर स्थगन दिया था. मामले में प्रिंटर शारदा ऑफसेट को कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी.

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