Breaking: कोविसेल्फ से अब घर बैठे ही मात्र 250 रुपए में कर सकते हैं कोरोना की जांच, जानें इस्तेमाल का तरीका
Breaking: कोविसेल्फ से अब घर बैठे ही मात्र 250 रुपए में कर सकते हैं कोरोना की जांच, जानें इस्तेमाल का तरीका

नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कोविउ के एक होम टेस्टिंग किट ‘कोविसेल्फ’ को मंजूरी दे दी है। इस जांच किट के जरिये अब कोई भी घर बैठे ही कोरोना संक्रमण की जांच कर सकता है।

जानकारी के मुताबिक, कोविसेल्फ नाम की यह टेस्ट किट एक रैपिड एंटीजेन टेस्ट (आरएटी) किट है। अब जब घर पर ही कोरोना टेस्टिंग किट को मंजूरी मिल गई है, तो आईसीएमआर ने कोविसेल्फ को लेकर एक एडवाईजरी जारी की है। इसमें किट को इस्तेमाल करने से लेकर तमाम दिशानिर्देश मौजूद हैं, जिसे आपको जानना बेहद जरूरी भी है।

देश की सात लाख से ज्यादा फार्मेसी पर मिलेगा किट

मायलैब के अनुसार अगले हफ्ते तक कोविसेल्फ किट देश की 7 लाख से ज्यादा दवा दुकानों पर मिलने लगेगा। इसकी कीमत मात्र 250 रुपए होगी। इसके अलावा यह किट कंपनी के आनलाइन फार्मेसी पार्टनर के जरिए भी वितरित की जाएगी। कंपनी के प्रमुख सुजीत जैन के अनुसार कंपनी देश के 90 प्रतिशत इलाकों में इस किट को पहुंचाना चाहती है।

See also  कोरोना से गर्भवती तहसीलदार की मौत 1 मई को हुई थी कोरोना पॉजिटिव

दो मिनट में जांच, 15 मिनट में नतीजे

सुजीत जैन के अनुसार इस किट से मात्र दो मिनट में टेस्ट किया जा सकेगा, हालांकि नतीजे आने में 15 मिनट लगेंगे। आईसीएमआर ने कहा है कि इस सेल्फ टेस्ट किट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर आरटी-पीसीआर जांच कराने की जरूरत नहीं है।

कौन कर सकता है खुद से जांच

आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, घर पर कोरोना जांच किट कोविसेल्फ किट का इस्तेमाल उन्हीं लोगों को करना चाहिए, जिनमें कोविड-19 के लक्षण हैं या फिर वे किसी लैब द्वारा कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों।

इस जांच किट इस्तेमाल बार-बार और बिना सोचे समझे न करें।आईसीएमआर ने कहा कि घर पर जांच के लिए किट में दी गई गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक और आवश्यक रूप से पढ़ें, उसके बाद ही जांच करें।

मोबाइल एप की सहायता मिलेगी जांच रिपोर्ट

सरकार की ओर से कोविसेल्फ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर मौजूद है, हालांकि खबर लिखे जाने तक यह एप किसी भी स्टोर पर मौजूद नहीं था। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने बताया कि घर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट एक मोबाइल एप के जरिए संपन्न होगा।

See also  Coronavirus Update : कल के तुलना में 14.6 फीसदी बढ़े नए कोरोना केस, पिछले 24 घंटे में मिले 4,575 मामले

भार्गव ने बताया कि एक कंपनी एप को डेवलप कर दिया है, जबकि अन्य तीन कंपनियां भी इस पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले आपको किसी दवा दुकान से टेस्ट किट खरीदना होगा। उसके बाद मोबाइल एप को डाउनलोड करना होगा। फिर टेस्ट करना होगा और टेस्ट की फोटो (किट सहित) इस एप पर अपलोड करना होगा।

डेटा सुरिक्षत रहेगा

आपके मोबाइल फोन पर मौजूद ऐप का डाटा एक सुरक्षित सर्वर पर रहेगा, जो आईसीएम की कोविड-19 टेस्टिंग पोर्टल से जुड़ा है, जहां सभी डाटा को स्टोर किया जाएगा। एडवाइजरी में कहा गया है कि मरीज की जानकारी की पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

जांच में पॉजिटिव आने पर क्या करें

आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, कोविसेल्फ टेस्ट किट की जांच में जो लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं, उन्हें वास्तव में कोरोना पॉजिटिव ही समझा जाए। ऐसे में उन्हें दोबारा टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है।

पॉजिटिव आने वाले सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रहने और आईसीएमआर एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत जारी कोरोना नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। वहीं ऐसे लोग जिनमें कोरोना के लक्षण हैं और वे कोविशसेल्फ किट की जांच में निगेटिव आए हैं, उन्हें आरटी-पीसीआर कराना चाहिए।

See also  इंटरनेट पर वायरल हुआ दिशा पटानी का ग्लैमरस लुक, फैंस को आया पसंद

ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि माना जाता है कि कम वायरस लोड के कारण रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग के जरिए कुछ मामलों में इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…