शराब दुकान
शंकर नगर (खम्हारडीह) की शराब दुकान से VIP's के नाम पर कालाबाजारी करने वाले अफसर की खुली पोल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर (खम्हारडीह) स्थित शराब दुकान में लाखों रुपए के अनियमितता मामले में एक नई जानकारी सामने आई है. शराब दुकान से VIP’s को कितनी पेटी बीयर और शराब की डिलीवरी की गई है, इस राज से भी पर्दा उठ गया है. आबकारी विभाग के एक बड़े अफसर के इशारे में किए गए इस कारनामे की परत दर परत खुलते जा रही है.

दरअसल, इस पूरे मामले का खुलासा A2Z और विभाग के CA की ऑडिट में होना बताया जा रहा है. VIP’s की मेहमाननवाजी में अफसर ने सारे कायदे-कानून को ताक पर रख दिया। लिहाजा इससे बड़े अधिकारी की तो बल्ले-बल्ले हो गई लेकिन सरकार के राजस्व को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा.

द रूरल प्रेस (TRP) ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से इस बड़ी अनियमितता को सामने लाकर शासन-प्रशासन को सचेत करने का प्रयास किया। वहीँ सूत्रों से शंकर नगर (खम्हारडीह) स्थित शराब दुकान से बिना ओटीपी के जितनी भी शराब या बीयर परोसी गई है, उसके कुछ इनपुट सामने आए हैं.

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जानकारी के मुताबिक, शराब दुकान से 25 पेटी बीयर और 25-25 पेटी RS-RC की शराब बिना ओटीपी के VIP’s को परोसी गई. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार को किस तरह ये रसूखदार अफसर अपने पावर और पद का दुरूपयोग कर चुना लगा रहे हैं. इस सारे खेल में आबकारी विभाग के बड़े अफसर के नाम पर 8 लाख का गड़बड़झाला सामने आया है. अफसर अपने खास आदमियों के साथ मिलकर मनमानी पर उतारू हैं.

कैसे रचा जाता है सारा खेल?

VIP’s को परोसी जाने वाली शराब में बड़े ही शातिर तरीके से पूरे खेल को अंजाम दिया जाता है. बता दें कि सरकार के नए नियम के अनुसार ग्राहकों को शराब या बीयर की बोतल पर हॉलमार्क को स्कैन कर शराब बेचने का प्रावधान रखा गया है. ऐसे में जितनी भी शराब आई या बिकी हुई, उसका हिसाब-किताब रखने में आसानी होती है. लेकिन शातिरों ने इसका भी ऑप्शन ढूंढ रखा है. अधिकारी के इशारे पर जो शराब VIP’s को दी जाती है, उसमें हॉलमार्क को निकाल दिया जाता है. हॉलमार्क निकालने के बाद अफसर के आदेशानुसार चिन्हित व्यक्ति को शराब दे दी जाती है. इतना ही नहीं VIP’s के नाम पर जिस शराब की कालाबाजारी की जाती है, उस करीब 1200-1500 रुपए वाली शराब का इस्तेमाल तक VIP’s नहीं करते हैं.

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हॉलमार्क ने खोला साहब का राज

ऐसे में सरकार तक शराब दुकान का सही हिसाब-किताब नहीं पहुँच पाता है और अफसर बेख़ौफ़ यह काम करते रहते हैं. कुछ इसी अंदाज में आबकारी विभाग के एक बड़े अधिकारी ने शंकर नगर (खम्हारडीह) स्थित शराब दुकान से 8 लाख की अनियमितता की. हालांकि ज़ेबरा कंपनी की जांच में यह राज खुल गया और अफसर की करतूत से पर्दाफाश हो गया. यहाँ गौर करने वाली बात यह कि ज़ेबरा वह कंपनी है जो हॉलमार्क बनाती है. ज़ेबरा की ऑडिट में अफसर की काली करतूत का भांडा फोड़ हो गया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

“मेरे पास रिपोर्ट नहीं आई है, अगर ऐसा कुछ हुआ होगा तो A2Z से रिकवरी की जाएगी।”
प्रबंध संचालक
सीएसएमसीएल

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