धान की जगह खरीफ की अन्य फसलों और धान की सुगंधित व फोर्टिफाइड प्रजातियाें को प्रोत्साहित कर रही सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब धान की जगह खरीफ की दूसरी फसलों और धान की सुगंधित व फोर्टिफाइड प्रजातियाें को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग ने अकेले रायपुर जिले में ही धान के 4 हजार 227 हेक्टेयर क्षेत्रफल को कम कर वहां दूसरी फसलें लगवाने का लक्ष्य तय किया है।

अधिकारियों ने बताया, रायपुर जिले में खरीफ वर्ष 2021 के लिए फसल बोने का कुल लक्ष्य 1 लाख 64 हजार 514 हेक्टेयर है। जिसमें अनाज फसलें 1 लाख 59 हजार 870 हेक्टेयर में, दलहनी फसलें 969 हेक्टेयर में, तिलहनी फसले 777 हेक्टेयर में तथा 2 हजार 898 हेक्टेयर में सब्जी एवं अन्य फसलें लगाई जानी है। फसल परिवर्तन के लिए धान के बदले मक्का, दलहन एवं तिलहन फसल लेने के लिए एक हजार हेक्टेयर चिन्हित हुआ है। वहीं धान की प्रचलित किस्म के स्थान पर विशेष किस्म के सुंगधित धान, जिंक धान, जैविक धान, दलहन, तिलहन, गन्ना जैसे दूसरी फसलों के लिए 3 हजार 227 हेक्टेयर का अतिरिक्त लक्ष्य रखा गया है।

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मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने इस साल राजीव गांधी किसान न्याय योजना में परिवर्तन किया है। जिसके तहत जिस खेत में पिछले वर्ष धान बोया गया था, उसमें दूसरी फसल लगाई जाती है। इसमें 9 हजार रुपया प्रति एकड़ की इनपुट सहायता मिलेगी। दूसरी ओर सरकार ने कोदो का उत्पादन बढ़ाने के लिए समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया है। अगर ऐसे खेतों में पेड़ लगाया जाता है तो अगले तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से सहायता मिलेगी।

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