रविंद्र चौबे
Suspense Remains On The Reservation Bill -मंत्री चौबे बोले लीगल ओपिनियन में तीन-तीन दिन लगना चिंतनीय

रायपुर। प्रदेश में ढाई साल-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा जोरों पर है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के इस आरोप पर कि 17 जून के बाद छत्तीसगढ़ की स्थिति पंजाब जैसी होगी इस पर मंत्री रविंद्र चौबे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे मजबूत और स्थिर सरकार है। हाईकमान का पूरा समर्थन भूपेश बघेल जी के साथ है।

नेशनल मीडिया में प्रदेश में वैक्सीन बर्बादी की खबरे कुछ समय पहले तक छाई हुई थी। इस मामले में रविंद्र चौबे का का कहना है कि प्रदेश में बहुत कम संख्या में वैक्सीन भेजी जाती है। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया 3 दिन जारी रहती है तो वहीं 3 दिन बाद वैक्सीन की कमी के कारण वैक्सीनेशन पर रोक लग जाती है। हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत है पोलियो के समय हमने कर दिखाया है। वैक्सीन समय पर उपलब्ध हो तो हम एक दिन में वैक्सीनेशन करा सकते हैं। वैक्सीन की गलत नीतियों के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

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सिलगेर मामले मानव अधिकार कार्यकर्ताओं को पुलिस के द्वारा रोके जाने पर रविंद्र चौबे का कहना है कि नक्सलवाद का दंश हमसे ज्यादा कोई जानता है। झीरम हमने सहा है, बस्तर में रह रहे लोगों की बेहतरी के लिए अस्पताल स्कूल, सड़क निर्माण व कैंप की स्थापना की जा रही है। इसका विरोध कौन कर रहा है सिलगेर में वहां के ग्रामवासी कम और आसपास के लोग ज्यादा दिखते हैं।

जिला दुर्ग में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के रिश्तेदार जो कि किसान था उसकी आत्महत्या पर रविंद्र चौबे का कहना है कि पूर्व पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर को याद होगा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कितने किसानों ने आत्महत्या की थी। बीजेपी के शासनकाल में किसानों की आत्महत्या सबसे ज्यादा चर्चित थी। गृह मंत्री के रिश्तेदार ने पारिवारिक कारणों के चलते आत्महत्या की है, पुलिस मामले की जांच कर रही है

अगली कैबिनेट में स्कूल खोले जाने के प्रस्ताव के विषय पर रविंद्र चौबे ने कहा कि कोरोना से सुधरते हालात में न केवल स्कूल बल्कि कॉलेज भी खोले जाने चाहिए। इस पर चर्चा कैबिनेट में होगी हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल तभी खुलेंगे जब संक्रमण की दर लगभग समाप्त हो जाएगी।

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