Sputnik-V
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टीआरपी डेस्क। भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने देश में रूस की कोविड वैक्सीन Sputnik-V के उत्पादन के लिए पैनेसिया बायोटेक को मंजूरी दे दी है। पैनेसिया बायोटेक ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रूसी वैक्सीन को देश में बनाने वाली वह पहली कंपनी होगी। Sputnik-V के उत्पादन के लिए छह कंपनियों ने रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के साथ समझौता किया है, जिनमें से एक पैनेसिया बायोटेक है।

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DCGI से उत्पादन की मिली मंजूरी

RDIF के साथ किए गए समझौते के तहत पैनेसिया बायोटेक अपनी हिमाचल के बद्दी में स्थित फैक्ट्री में कोरोना वैक्सीन Sputnik-V का उत्पादन करेगी। कंपनी ने स्पूतनिक-वी की पहली खेप का उत्पादन करने के बाद इस रूस के गामालेया केंद्र भेज था, जहां से वैक्सीन अपनी गुणवत्ता पर खरी उतरी। जिसके बाद रूसी दवा नियामक की ओर से हरी झंडी दी गई है। वहीं अब डीसीजीआई से उत्पादन की मंजूरी मिलने के बाद देश में बड़े स्तर पर इसका उत्पादन होगा।

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महामारी के खिलाफ जंग में एक अहम कदम

RDIF के मुख्य कार्यकारी किरिल्ल डमित्रिव ने कहा था कि पैनेसिया बायोटेक के साथ मिलकर भारत में उत्पादन की शुरुआत महामारी के खिलाफ जंग में एक अहम कदम है। उन्होंने ने कहा था कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन का उत्पादन शुरू होने से भारत को कोरोना वायरस महामारी के संकटपूर्ण दौर से निकालने के सरकार के प्रयासों को समर्थन मिलेगा। इसके बाद वैक्सीन को दूसरे देशों को निर्यात भी किया जा सकेगा ताकि दुनिया के अन्य देशों में भी महामारी के प्रसार को रोका जा सके।

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RDIF साथ मिलकर Sputnik-V का उत्पादन 

वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने को लेकर पैनेसिया बायोटेक के प्रबंध निदेशक राजेश जैन ने कहा, ”आरडीआईएफ के साथ मिलकर Sputnik-V का उत्पादन शुरू होना एक महत्वपूर्ण कदम है। हम उम्मीद करते हैं कि देश में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का स्टॉक होगा, तो फिर तेजी से टीकाकरण होगा और लोग फिर से सामान्य स्थिति महसूस कर सकेंगे। साथ ही अन्य देशों को भी वैक्सीन की सप्लाई की जा सकेगी।”

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बता दें, रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik-V को भारत में 12 अप्रैल 2021 को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति के साथ पंजीकृत किया गया। इसके साथ ही कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 14 मई से टीकाकरण अभियान में इसका इस्तेमाल भी शुरू कर दिया गया।

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