जशपुर में इको फ्रेंडली प्लांट लगाने वाले उद्योगपति का पैर धोकर स्वागत करेंगे प्रबल जूदेव
जशपुर में इको फ्रेंडली प्लांट लगाने वाले उद्योगपति का पैर धोकर स्वागत करेंगे प्रबल जूदेव

जशपुर। जिले के टाँगरगांव में प्रस्तावित स्टील प्लांट का विरोध दिनों-दिन तेज होता जा रहा है। यहां स्टील प्लांट के विरोध में 10 गांव के ग्रामीण रोज रैली निकालकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस मामले में भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी स्टील प्लांट का विरोध करते हुए जिले में स्टील प्लांट की जगह इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट लाने पर जोर दिया है। प्रबल प्रताप ने यहां तक कह दिया है कि जशपुर में इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट अगर कोई कंपनी लेकर आती है तो वो उनका पैर धोकर स्वागत करेंगे।

04 अगस्त की जन सुनवाई हुई स्थगित

जशपुर के टांगरगांव में लगभग साढ़े छः सौ करोड़ की लागत से स्टील प्लांट की स्थापना होनी है, जिसके लिए 4 अगस्त को जनसुनवाई प्रस्तावित थी। मगर इस प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अब भाजपा और कांग्रेस दोनो ही दलों ने स्टील प्लांट का विरोध शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर जिले के प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से मिलने पहुंचे और उन्हें समझाया, मगर ग्रामीण नहीं माने, जिसे देखते हुए फ़िलहाल 04 अगस्त को होने वाली जनसुनवाई को स्थगित कर दिया गया है।

See also  सलाम भारतीय रेलवे : बच्ची को किडनैपर से छुड़ाने 260 किमी तक दौड़ी ट्रेन

टांगरगांव समेत आसपास के दस गाँवो के लोग अब स्टील प्लांट के विरोध में रोज रैली निकालकर प्रदर्शन कर रहे हैं इसके साथ ही इस इलाके का माहौल भी तनावपूर्ण होता जा रहा है। टांगरगांव समेत आसपास के गाँवो में आ रहे नए व्यक्तियों को देखकर ग्रामीण स्टील प्लांट का कर्मचारी समझकर सख्ती बरत रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है की वे किसी भी हाल में अपने गांव में स्टील प्लांट नहीं लगने देंगे।

क्या कहते हैं प्रबल प्रताप..?

इस मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपने पिता स्व. दिलीप सिंह जूदेव की तर्ज पर स्टील प्लांट का विरोध किया है। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का कहना है जशपुर प्रकृति की हसीन वादियों में बसा है और उनके पिता का सपना था कि जशपुर इको टूरिज्म के रूप में विकसित हो और यहाँ पर्यावरण को दूषित करने वाले स्टील प्लांट की बजाय इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट आयें, अगर जशपुर में कोई उद्योगपति इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट लाते हैं तो वह उनका पैर धोकर स्वागत करेंगे, लेकिन अगर यहां पर स्टील प्लांट जैसा पर्यावरण को दूषित करने वाला प्लांट लगेगा तो भले उनकी जान चली जाए पर वो यह प्रोजेक्ट लगने नहीं देंगे।

See also  प्रिंटिंग माफियाओं के खिलाफ सरकार ने अपनाया कड़ा रूख, वित्त सचिव का निर्देश- संवाद के अलावा दूसरी जगह छपाई हुई तो भुगतान नहीं, कार्रवाई होगी…

बहरहाल इस प्लांट का विरोध दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और ग्रामीणों के साथ भाजपा और काँग्रेस दोनो ही दल प्लांट के विरोध में खड़े हो गए हैं। फ़िलहाल सुनवाई स्थगित हो गई है, मगर ग्रामीणों के विरोध के तेवर कम नहीं हो रहे हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम और वॉट्सएप पर.