काबुल एयरपोर्ट पर तालिबान के कब्जे के बीच फायरिंग के बाद भगदड़, आज भारत की अध्यक्षता में अफगानिस्तान को लेकर UNSC की बड़ी बैठक

काबुल/नई दिल्ली । अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच काबुल एयरपोर्ट पर हजारों लोगों की भीड़ बनी हुई है। कई देशों के राजनायिकों को भी काबुल एयरपोर्ट से ही बचाकर ले जाया जा रहा है। तालिबान के कब्जे के बाद ही काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग की खबर मिली है।

हालांकि, अभी तक गोलीबारी में किसी के जान जाने की जानकारी नहीं है। लेकिन, एयरपोर्ट पर हर तरफ भगदड़ के वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात को देखते हुए आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता भारत करेगा।

काबुल पर तालिबानियों के कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर जा चुके हैं। इसके बाद से ही काबुल एयरपोर्ट पर देश छोड़कर जाने वालों की भीड़ लग गई है। हवाईअड्डे तक जाने वाली सभी सड़कें तक भारी ट्रैफिक से भरी पड़ी दिख रही हैं। तालिबान ने अफगानिस्तान के कंधार, हेरात, मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद जैसे शहरों समेत 34 में से 25 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा जमा लिया है।

See also  Good News: अब 10वीं के बाद CA फाउंडेशन कोर्स में ले सकेंगे दाखिला

खून की नदियां बहने से बचाने के लिए मैंने देश छोड़ना बेहतर समझा:अशरफ गनी

इधर राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। अशरफ गनी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा- आज मेरे सामने एक कठिन चुनाव आया कि मुझे हथियारों से लैस तालिबान का सामना करना चाहिए, जो महल में घुसना चाहता था या मुझे अपने प्यारे देश अफगानिस्तान को छोड़ना था। मैंने पिछले बीस वर्षों में अफगानिस्तान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि खून की नदियां बहने से बचाने के लिए मैंने सोचा कि देश से बाहर जाना ही ठीक है। तालिबान ने तलवार और बंदूकों के दम पर जीत हासिल की है और अब वे देशवासियों के सम्मान, धन और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे। इतिहास ने ऐसी शक्तियों को कभी नहीं अपनाया है।

गनी ने आगे बयान में कहा कि तालिबान के लिए आवश्यक है कि वह अफगानिस्तान के सभी लोगों, राष्ट्रों, विभिन्न क्षेत्रों, बहनों और महिलाओं को वैधता और लोगों का दिल जीतने का आश्वासन दे। और वह जनता के साथ मिलकर एक स्पष्ट योजना बनाए। मैं हमेशा अपने देश की सेवा करता रहूंगा।

See also  Article 370- याचिका पर Supreme Court की फटकार, कहा अनुच्छेद 370 पर यह किस तरह की याचिका है?

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएपपर.