Breaking News: इन मांगों को लेकर राज्य के सात हजार निजी स्कूल हुए बंद, बूढ़ातालाब में दिया जा रहा धरना
Breaking News: इन मांगों को लेकर राज्य के सात हजार निजी स्कूल हुए बंद, बूढ़ातालाब में दिया जा रहा धरना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सात हजार से अधिक निजी स्कूल संचालकों की एक दिवसीय हड़ताल जारी है। सोमवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रदेश स्तर पर हड़ताल और धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया था। इसी कड़ी में प्रदेश के अनेक जिलों से स्कूल संचालक और शिक्षक बूढ़ातालाब के धरनास्थल पर हजारों की संख्या में एकत्र हुए हैं। यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालक अपनी मांगों को लेकर राजधानी में एकत्र हुए हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश भर में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 16 लाख है। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि सरकार लगातार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है। कई स्तर पर स्कूल के लोगों ने अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखा मगर उनकी एक नहीं सुनी गई।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • निजी स्कूल संचालकों की मांग है कि विद्यालयों के 2020 -2021 का RTE के बकाया का भुगतान किया जाये।
  • कोरोना काल में 16 महीनों तक स्कूल बसों का संचालन बंद रहा, इसलिए अप्रैल 2020 से जुलाई 2021 (16 महीने) तक प्रदेश की सभी स्कूल बसों का रोड टैक्स माफ किया जाए।
  • नवीन मान्यता, मान्यता नवीनीकरण पर स्कूल शिक्षा विभाग के ढीलेढाले रवैये को दुरुस्त किया जाये क्योंकि पूरे प्रदेश में मान्यता की प्रक्रिया 2 से 3 वर्ष विलंब से चल रही है।
  • स्कूल संचालकों की शिकायत है कि जब से कोरोना संक्रमण के दौरान प्रदेश के सभी अशासकीय विद्यालयों का स्कूल शिक्षा विभाग ने निरीक्षण कराया, तब से अलग-अलग कमियां बता कर अशासकीय विद्यालयों को परेशान किया जा रहा है।
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