BREAKING NEWS: A case of fraud was registered against this leader, who was considered close to the former Home Minister
BREAKING NEWS: इस नेता के खिलाफ दर्ज हुआ धोखाधड़ी का केस, माने जाते थे पूर्व गृहमंत्री के करीबी

कोरबा। नौ माह बाद दूसरी बार जिले के भाजपा के दिग्गज नेता देवेन्द्र पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में आईपीसी की धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। अब तक देवेन्द्र पांडेय की गिरफ्तारी को लेकर किसी तरह की बात सामने नहीं आ पाई है।

इस मामले को लेकर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम ने मंगलवार को राजधानी में गृहमंत्री आवास के समक्ष भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।माना जा रहा है कि इस बात को टालने के लिए ही देवेन्द्र पांडेय के खिलाफ कोरबा पुलिस ने आनन—फानन में एआईआर दर्ज कर मामले को टालने की कोशिश की है।

बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र पांडेय के खिलाफ कोरबा सृष्टि मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की आड़ में धोखाधड़ी किए जाने की शि​कायत की गई थी। यह मामला नया नहीं, बल्कि काफी पुराना हो चुका है। इस मामले को लेकर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के पुत्र संदीप कंवर ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

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इस मामले में पहले भी हो चुका है एफआईआर

मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता देवेन्द्र पांडेय ने सृष्टि मेडिकल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सदस्य बनाने के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।हालांकि इसकी जांच पूरी नहीं हो पाई है। वहीं इससे पहले भी देवेन्द्र पांडेय पर करोड़ों के गबन का आरोप अब भी लंबित है।

इस मामले में जब पूर्व गृहमंत्री ने संज्ञान लिया और पुलिस की कार्रवाई को सुस्त देखा, तो उन्होंने आज रायपुर में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के शासकीय आवास के सामने भूख हड़ताल की चेतावनी दे डाली। मामले की गर्माहट को भांपते हुए पुलिस ने तत्काल देवेन्द्र पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है।

विगत माह भाजपा नेता पर धान खरीदी मामले में डेढ़ करोड़ रुपए घोटाले का आरोप था। इस मामले में कोर्ट ने जनवरी 2020 में FIR दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। देवेंद्र पांडेय को पुलिस ने फरार घोषित कर दिया गया था। नेता के ऊपर 5 हजार रुपए का इनाम राशि भी घोषणा की गई थी।

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यह था मामला

जानकारी के मुताबिक, उरगा क्षेत्र स्थित सोहागपुर केंद्र में साल 2012 में धान खरीदी को लेकर डेढ़ करोड़ की गड़बड़ी सामने आई थी। मामला खुलने के बाद पुलिस ने केंद्र के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि कोर्ट में भाजपा ने देवेंद्र पांडेय की भी भूमिका संदिग्ध मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला उनके ऊपर दर्ज किया था। इसके बाद से ही देवेंद्र पांडेय फरार चल रहे हैं।

माने जाते थे पूर्व गृहमंत्री के करीबी

पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर नोटिस जारी किया। जब हाजिर नहीं हुए तो जगह-जगह छापा भी मारा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका था। इसे देखते हुए नौ माह पहले कोरबा SP अभिषेक मीणा ने फरार चल रहे देवेंद्र पांडे पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। देवेंद्र पांडेय एक वक्त में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के बेहद करीबी कहे जाते थे, लेकिन उनके बेटे से विवाद के बाद वह उनके ही निशाने पर आ गए।

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