नई दिल्ली। राजधानी में केजरीवाल सरकार ने महत्‍वपूर्ण घोषणा करते हुए रजिस्टर्ड मज़दूरों को तुरंत 5 हज़ार रुपए देने का फैसला किया है। बढ़ते प्रदूषण के चलते ज्यादा दिन कंस्ट्रक्शन बन्द रहने पर न्यूनतम वेतन के आधार पर भरपाई की जाएगी। जिन मजदूरों का रजिस्ट्रेशन नही है उनका ऑन साइट रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कल ही राज्यों को मज़दूरों को कंस्ट्रक्शन बन्द होने के चलते भुगतान करने के लिए निर्देश दिए थे। जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

दरअसल, दिल्ली के सीएम ने कहा कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकारअपने स्तर पर कई कदम उठा रही है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर माथे पर। सुप्रीम कोर्ट से जो भी आदेश मिलते हैं, उनकी सलाह भी मिलती है, तो हम सभी कदम उठाते हैं, सभी पर अमल करते हैं। प्रदूषण की वजह से कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज पर पिछले कई दिनों से रोक लगी हुई है।

See also  मैनपाट दुल्हन सी लगती, मानो ओढ़ी चुनर धानी हो, मंत्री अमरजीत भगत ने कवि के अंदाज में की मैनपाट की खूबसूरती की तारीफ

मामले को नहीं करेंगे बंद, करते रहेंगे समीक्षा- कोर्ट

दिल्ली NCR में प्रदूषण की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट की करीब से नजर बनी हुई है। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट दिल्ली और केंद्र सरकार को कई बार फटकार भी लगा चुका है। कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए कहा कि हम मामले को बंद नहीं करने जा रहे, हालात की समीक्षा करते रहेंगे।

कोर्ट ने सरकार से पराली प्रबंधन पर रिपोर्ट की मांग की। इस मामले में अब अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। CJI ने केंद्र सरकार से पूछा कि आप बताइए प्रदूषण के मद्देनजर आपने अब तक क्या किया है? आपने बताया था कि 21 नवंबर से हालात ठीक होंगे। तेज हवा की वजह से हम बच गए हैं। लेकिन मौसम विभाग की खबर थी कि शाम से फिर गंभीर हो सकते हैं। इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि प्रदूषण कम हुआ है। 20 नवंबर को AQI 403 था और कल यह 290 औद्योगिक प्रदूषण की वजह से भी फर्क पड़ा है।

See also  प्रदेश कांग्रेस डीआरओ की बैठक संपन्न

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर