बर्खास्त : नाली घोटाले में फंसे मुंगेली के नगर पालिका अध्यक्ष संतू लाल सोनकर हुए पदमुक्त, जेल में रहते जारी हुआ आदेश
बर्खास्त : नाली घोटाले में फंसे मुंगेली के नगर पालिका अध्यक्ष संतू लाल सोनकर हुए पदमुक्त, जेल में रहते जारी हुआ आदेश

मुंगेली। बहुचर्चित नाली घोटाले के आरोपी नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर को राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बर्खास्त कर दिया हैं। मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में नाली का निर्माण किये बिना ही ठेकेदार को 13 लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया था।

सभी दलों ने मिलकर की थी मामले की शिकायत

मुंगेली में हुए इस नाली घोटाले की शिकायत कांग्रेसी पार्षदों, एल्डरमेन, भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्टर से की गई थी, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर सहित 06 अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार करना पाया गया एवं बिना नाली निर्माण किये 13,21,818 /- रूपये आहरण करने की पुष्टि हुई।

जेल में बंद हैं सोनकर

जांच रिपोर्ट के आधार पर नगरपालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर एवं अन्य अधिकारियों / कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण बना, जो कि थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में दर्ज हुआ। मामला दर्ज होते ही सभी आरोपी फरार हो गए थे, न्यायालयीन प्रक्रियाओं के तहत वर्तमान में नपा के आरोपी अध्यक्ष जेल में हैं। अध्यक्ष के नहीं होने से मुंगेली नगर पालिका का विकास कार्य अवरुद्ध होने का आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मामले में सोनकर की बर्खास्तगी की मांग लम्बे समय से की जा रही थी।

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आखिरकार जारी हुआ बर्खास्तगी का आदेश

राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अंततः आदेश जारी कर मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को बर्खास्त कर दिया है। सोनकर पर बग़ैर कार्य कराए तेरह लाख रुपए भुगतान का आरोप है जो राज्य सरकार ने जाँच में सिद्ध पाया है। संतुराम पेशे से शिक्षक थे। उन्होंने भाजपा ज्वॉइन करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी। बाद में वे नगरपालिका अध्यक्ष चुने गये।


देखें आदेश :

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