New Guidelines

रायपुर। कोरोना काल में लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से स्कूली छात्र एक साथ क्लास में बैठ परीक्षा देते नजर आने वाले हैं। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों के साथ सख्ती बरतते हुए यह फरमान सुनाया है कि सभी छात्रों को कक्षा में बैठकर ही परीक्षा देनी होगी।

इस परीक्षा में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी कक्षाओं के छात्र शामिल होंगे। बता दें कि छात्रों की परीक्षा दिसंबर के आखिरी सप्ताह से या फिर जनवरी में परीक्षा शुरू हो सकती है। छमाही में 60 फीसदी कोर्स से सवाल पूछे जाएंगे।

छात्रों के सही आंकलन करने लिया फैसला

शिक्षा विभाग का तर्क है कि क्लास में परीक्षा के आधार पर छात्रों की वास्तविक स्थिति का आंकलन होगा। परीक्षा परिणाम के आधार पर कमजोर छात्रों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छमाही परीक्षा के आयोजन के लिए स्कूलों को सूचना दी गई है। उनसे कहा गया है कि वे परीक्षा के लिए तैयार रहें। छमाही परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से तैयार किए जाएंगे। ये परीक्षाएं राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक जैसी तारीख में, एक ही पैटर्न में आयोजित होंगी। इसी के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई के होने से छात्रों की बच्चों की लिखने की क्षमता पर असर पड़ा है। कई बच्चे ठीक से लिख नहीं पाते।

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कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल स्कूल बंद रहे। साल में एक ही परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसे छात्रों ने घर से लिखा था। छमाही परीक्षा में नवमीं-ग्यारहवीं के बच्चों पर विशेष नजर रहेगी।

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