सरपंच की हत्या कर दी बेजा कब्जाधारियों ने, पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप, गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम
सरपंच की हत्या कर दी बेजा कब्जाधारियों ने, पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप, गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम

जांजगीर-चांपा। जिले में भुतहा गांव के सरपंच की सरेआम पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। सरपंच के परिजनों ने इस वारदात में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, यह भी जानकारी आ रही है कि पुलिस की डायल 112 की टीम भी मौके पर बुलाई गई थी, जो कि माहौल बिगड़ता देख वहां से खिसक गई और यह बड़ी घटना घट गई। इस वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला

इस पूरी वारदात को गांव के बेजा कब्जाधारियों द्वारा अंजाम दिया गया है, पूरा मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र का है, जहां काफी तनाव की स्थिति बनी हुई है। यहां के भुतहा गांव के सरपंच द्वारका प्रसाद चंद्रा पिता स्व.फंदू लाल चंद्रा, उम्र 50 की गांव के बेजा कब्जाधारियों ने पीटपीट कर हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि उन पर सरेआम आधा दर्जन से ज्यादा लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया, और इतना मारा की उसकी हालत गंभीर हो गई।

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बिलासपुर ले जाते रास्ते में दम तोडा

घायल सरपंच कोप्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर लेजाया जा रहा था। इसी दौरान बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। यह भी जानकारी निकलकर सामने आई है कि सरंपच ने घटना के पहले पुलिस की डायल 112 की टीम को सूचना दी थी जो कि गांव पहुॅची भी मगर माहौल बिगड़ता देख वहां से चली गई। जिसके बाद सरपंच पर हमला कर दिया गया।

बेजा कब्जा की शिकायत से थे नाराज

गांव के लोगों ने बताया कि भूतहा गांव के कुछ दबंगों ने गांव में सरकारी जमीन पर बेतहाशा बेजा कब्जा किया हुआ है, जिस पर उनके द्वारा फसल भी लगाई गई है इस बात की शिकायत मिलने पर राजस्व अमले ने नोटिस जारी किया था और फसल को कटवाकर शासन के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी सरपंच को सौपी थी।

दरअसल धान की फसल कटवाने की कार्यवाई सोमवार को होनी थी, मगर तथाकथित बेजाकब्जाधारी आज रविवार को ही फसल काटने पहुंच गये और फसल को काटकर अपने कब्जे में लेने लगे जिस पर सरपंच ने मौके पर पहुॅचकर आपत्ति दर्ज कराई और इसकी सूचना सरपंच द्वारका प्रसाद चंद्रा ने पुलिस की डायल 112 की टीम को भी दी।

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टाला जा सकता था वारदात को

सरपंच की सूचना पर पुलिस की टीम गांव पहुॅची मगर घटनास्थल पर तनाव की स्थिति देखकर वापस लौट गई, जिसके बाद बेजा-कब्जाधारियों ने सरंपच पर लाडी डंडे से हमला कर दिया। हमले से सरपंच द्वारका प्रसाद चंद्रा लहुलुहान होकर गिर पड़े। सरपंच की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हे मालखरौदा के हॉस्पिटल ले जाया गया जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बिलासपुर रेफर किया गया, मगर बिलासपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही सरंपच द्वारका प्रसाद चंद्रा की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस के जवान मौके पर रुक जाते तो इतनी बड़ी वारदात नहीं होती।

सरपंच के मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र के सरपंच संघ के सदस्य और ग्रामीण एकत्र हो गए और सक्ती -छपोरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। क्षेत्र में तनाव का माहौल है, फिलहाल चक्का जाम जारी है और मालखरौदा पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी हुई है।

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