राजधानी से मोबाइल चोरी कर नेपाल में खपाने वाला अंतर्राष्ट्रीय गिरोह पकड़ाया, 10 लाख के मोबाइल किये गए जब्त
राजधानी से मोबाइल चोरी कर नेपाल में खपाने वाला अंतर्राष्ट्रीय गिरोह पकड़ाया, 10 लाख के मोबाइल किये गए जब्त

रायपुर। राजधानी की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जिसमें शामिल नाबालिग लड़कों द्वारा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घूम-घूम कर लोगों के पॉकेट और बैग से मोबाइल की चोरी की जाती थी। बाद में मोबाइल को नेपाल में बेच दिया जाता था। गिरोह से 10 लाख रूपये कीमत के मोबाइल जब्त किये गए हैं।

चाइल्ड लाइन की सूचना आई काम

चाईल्ड लाईन रायपुर की टीम से पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना तेलीबांधा क्षेत्रांतर्गत सतनामी पारा स्थित तुलसी निवास पहलवान बाड़ा में कुछ नाबालिग लड़के संदिग्ध अवस्था में मकान में रूके है, जिस पर थाना तेलीबांधा की पुलिस द्वारा सूचना की तस्दीक करायी गयी। इस दौरान पाया गया कि कुछ लड़कों ने अपने पास काफी संख्या में मोबाईल फोन रखा है, और अन्य स्थान में ले जाकर बिक्री करने की बात कह रहे हैं।

छापेमारी में मिला मोबाइल का जखीरा

थाना प्रभारी तेलीबांधा सोनल ग्वाला के नेतृत्व में थाना तेलीबांधा पुलिस, सायबर सेल एवं चाईल्ड लाईन की संयुक्त टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर मकान में रेड कार्यवाही की गई। इस दौरान मकान के कमरे में 03 लड़के उपस्थित थे, जिसमें से एक ने अपना नाम राज नोनिया उर्फ नुनिया, निवासी वर्धमान पश्चिम बंगाल तथा दो नाबालिग लड़कों ने साहेबगंज झारखण्ड का निवासी होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा कमरे की तलाशी लेने पर कमरे में अलग-अलग कंपनियों के मोबाईल फोन सहित कई महंगे दामों के मोबाईल फोन भी बरामद हुए। टीम के सदस्यों द्वारा मोबाईल फोन रखने के संबंध में लड़कों से कड़ाई से पूछताछ करने पर इनके द्वारा मोबाईल फोन को चोरी का होना बताया गया।

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बड़े नेटवर्क का हैं हिस्सा…

पुलिस के हाथ जो गिरोह पकड़ में आया है वह काफी बड़ा है और पूरे देश में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। घटना में संलिप्त व गिरोह का मुख्य सरगना साहेबगंज झारखण्ड़ निवासी प्रेम नोनिया सहित गौतम फरार हैं, जिनकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है।
पुलिस ने इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियोें जिसमें एप्पल, आई फोन के महंगे सेट सहित कुल 60 नग मोबाईल फोन कीमती लगभग 10,00,000/- रूपये जप्त किये गये हैं। चोरी के मोबाईल फोन के संबंध में रायपुर के अन्य थानों से जानकारी मंगायी जा रही है।

मकान मालिक को भी किया गया गिरफ्तार

पुलिस ने इन आरोपियों को कमरा किराये पर देने वाले मकान मालिक चंद्रप्रकाश धीवर को भी धरा 151 के तहत गिरफ्तार किया है। चूंकि
किराये पर देने वाले मकान मालिक द्वारा इसकी सूचना थाने में नहीं दी गई थी, जिसके चलते उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धारा के तहत् कार्यवाही की गई है।

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पाकिटमारों के गांव से है कनेक्शन

देशभर में कुछ ऐसे इलाके हैं जो अपराधियों के गढ़ होने के चलते मशहूर हैं। इनमें झारखण्ड का जामताड़ा साइबर अपराधियों के चलते मशहूर है, उसी तरह बाबूपुर एक गांव है जो पाकिटमारों के गांव के नाम से मशहूर है। मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना का कनेक्शन इसी बाबूपुर गांव का रहने वाला है। यहां बच्चों को पलक झपकते ही मोबाइल चोरी करना भी सिखाया जाता है।

टीमवर्क से होता है काम

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरो में इससे पूर्व भी अनेक नाबालिगों को मोबाइल चोरी करते हुए पकड़ा जा चुका है, मगर ऐन वक्त पर गिरोह के वयस्क सदस्य भाग जाते हैं। ऐसे बच्चो पर क़ानूनी कार्रवाई करने की बजाय चाइल्ड लाइन के माध्यम से बल गृहों में भेज दिया जाता है। पहली बार गिरोह का वयस्क सदस्य पकड़ में आया है। इनसे पूछताछ से पता चलता है कि गिरोह में केवल बच्चे मोबाइल चुराने का काम करते हैं, चोरी के ठीक बाद ये आसपास मौजूद बड़े सदस्य को मोबाइल पकड़ा देते हैं। बाद में जब बड़ी मात्रा में मोबाइल इकठ्ठा हो जाता है तब इसे नेपाल या बांग्ला देश में खपा दिया जाता है।

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