कॉफी की खेती से छत्तीसगढ़ के किसानों को हो रही लाखों की कमाई, विदेशों में भी मिली पहचान
कॉफी की खेती से छत्तीसगढ़ के किसानों को हो रही लाखों की कमाई, विदेशों में भी मिली पहचान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोग हर क्षेत्र में धीरे-धीरे ऊंचाइयों को छू रहे है। इसी कड़ी में भूमिहीन ग्रामीण किसान न्याय योजना और राजीव युवा मितान क्लब के शुभारंभ के मौके पर छत्तीसगढ़ के लोगों की एक और खूबी नजर आई हैं। दरअसल बस्तर में 3 हजार एकड़ में कॉफी की खेती की जा रही है। इस खेती से किसानों को लाखों रुपयों की कमाई होने का दावा सरकार ने किया है।

राहुल ने दिया अंतरराष्ट्रीय कॉफी ब्रांड्स के साथ एमओयू करने का सुझाव

दरअसल 3 फ़रवरी को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर दौरे पर आए थे। इस दौरान राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज में लगाए गए बस्तर कॉफी के स्टॉल पर पहुंचकर राहुल गांधी ने बस्तरिया कॉफी का स्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके साथ थे। सांसद राहुल गांधी ने बस्तर में हो रहे कॉफी उत्पादन के नवाचार और उसके स्वाद की तारीफ की। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को अंतरराष्ट्रीय कॉफी ब्रांड्स (बड़ी कंपनियों) के साथ बस्तरिया कॉफी का एमओयू करने का सुझाव भी दिया।

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बस्तरिया काफी की गूंज अब हो रही विदेशों में

राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बस्तर के दरभा ब्लॉक के दरभा, ककालगुर और डिलमिली गांव के क्षेत्र अंतर्गत हजारों एकड़ में कॉफी की खेती की जा रही है. इससे वहां के वनवासी-कृषकों को लाखों का मुनाफा हो रहा है। कॉफी की खेती से एक साल में प्रति एकड़ में लगभग 30 से 40 हजार रुपए का फायदा हो रहा है। बस्तर में जलवायु की अनुकूलता को देखते हुए लगभग 3 हजार एकड़ में कॉफी की खेती शुरू की गई है। बस्तर काफी की गूंज अब विदेशों में भी हो रही है। वर्तमान में इसका 8 देशों में निर्यात हो रहा है। आने वाले 60 सालों की कार्ययोजना से किसानो को इसका वृहद स्तर पर लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है।

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