Breaking News : सर्वाजनिक गतिविधियों में मिली छूट, अब 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ओपन होंगे लायब्ररी, स्वीमिंग पूल, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
Breaking News : सर्वाजनिक गतिविधियों में मिली छूट, अब 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ओपन होंगे लायब्ररी, स्वीमिंग पूल, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर सौरभ कुमार ने पूर्व में जारी आदेश के तहत रायपुर जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र में अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध अधिरोपित किये थे। उन्होंने वर्तमान में कोविड-19 प्रकरणों में लगातार कमी होने के फलस्वरुप सार्वजनिक गतिविधियों पर अधिरोपित प्रतिबंधों में छूट प्रदान करते हुए आज 10 फरवरी को नया आदेश जारी किया है।

कलेक्टर द्वारा आज जारी आदेश्नानुसार होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी आईट्म, फूड कोर्ट एवं अन्य खाद्य संबंधी प्रतिष्ठान अधिकतम रात्रि 12 बजे तक संचालित होगें। नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकाय सीमा क्षेत्र के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा मुख्य सडक मार्ग में स्थित ढाबे रात्रि 12 बजे के बाद भी ट्रक, बस एवं अन्य परिवहन वाहनों के लिए संचालित हो सकेगें।

रायपुर जिला अंतर्गत समस्त प्रकार के धरना, रैली एवं जुलूस आयोजित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रम (विवाह एवं दशगात्र इत्यादि) में छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के अनुसार कार्यक्रम स्थलों पर अधिकतम क्षमता के 50 प्रतिशत की अनुमति होगी तथा 100 से 200 व्यक्तियो के सम्मिलित होने की स्थिति में एक दिन पूर्व निकटतम थाना/जोन कार्यालय/नगरीय निकाय को सूचना दिया जाना अनिवार्य होगा।

See also  ED Breaking: चैतन्य बघेल को हिरासत में लेकर रायपुर स्पेशल कोर्ट पहुंची ईडी, दफ्तर के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स

कार्यक्रम में 200 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति होने की दशा में जिला कलेक्टर की लिखित पूर्वानुमति अनिवार्य होगी। सार्वजनिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा।

जिले अंतर्गत सभी मॉल, जिम, सिनेमाघर, ऑडिटोरियम, लायब्ररी, स्वीमिंग पूल एवं अन्य आयोजन स्थलों को आगामी आदेश तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा। रायपुर रेल्वे स्टेशन, अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड एवं एयरपोर्ट पर राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों के द्वारा कोविड के दोना डोज के टिकाकरण का प्रमाण पत्र दिखाये जाने पर 72 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट आर.टी.पी.सी.आर निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की अनिवार्यता को समाप्त किया गया है।

यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खाँसी, बुखार, सॉस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध महसुस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत हो, तो निकटतम केन्द्र में कोविड-19 जांच कराना तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वांरटाईन रहना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट पॉजिटिव होने तथा होम आईसोलेशन हेतु अनुमति प्रदान किये जाने पर अनुमति की शर्तो का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।

See also  UP BREAKING : स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ MLA कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट जारी

यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की सघनता पायी जाती है तो उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जावेगा तथा उक्त क्षेत्र के सभी व्यक्तियों को कंटेनमेंट जोन संबंधी समस्त दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। विदेश से आने वाले नागरिक आगमन की सूचना निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र, जिला कंट्रोल रूम राजस्व अधिकारी एवं संबधित निकाय को आवश्यक रूप से देंगे तथा इस संबंध में राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालक, कर्मचारी एवं ग्राहकों को व्यवसाय के दौरान मास्क का उपयोग करना आवश्यक होगा। सभी व्यवसायियों को अपने दुकान, संस्थान में विक्रय हेतु मास्क/सेनेटाईजर रखना अनिवार्य होगा, ताकि बिना मास्क पहने खरीदारी करने के लिए आये ग्राहको को सर्वप्रथम मास्क का विक्रय/वितरण किया जावे एवं तत्पश्चात् अन्य वस्तुओं, सेवाओं का विक्रय किया जावे। उल्लघंन किये जाने पर नगरीय निकाय के अधिकारी पुलिस विभाग के सहयोग से चालानी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

See also  CG TRANSFER BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 96 अधिकारी भेजे गए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट

उन्होंने रायपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना वायरस निगरानी, जांच, निरीक्षण दल द्वारा भौतिक परीक्षण, संगरोध और इलाज से संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों को यदि कोई भी व्यक्ति सहयोग देने से इंकार करता है तथा वांछित जानकारी देने से इंकार करता है या निगरानी दल के निर्देशो का पालन नहीं करता है अथवा इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 270 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेंज एक्ट, 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अधीन दण्ड का भागी होगा।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर