TRP डेस्क : रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग दिन-ब-दिन भयावह रुप लेती जा रही है। रूस का दावा है कि यूक्रेन उनसे बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं, लिहाज़ा अब रूस चौतरफा हमला कर सकता है। इस युद्ध पर दुनिया भर के देशों की नज़र है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से फोन में हुई बातचीत के दौरान बेलारूस के उस फैसले की निंदा करते हुए कहा जिसमें बेलारूस ने कहा था कि “वह रूस को अपनी धरती पर परमाणु हथियार तैनात करने की स्वीकृति देगा।”

बेलारुस ने दी परमाणु हथियारों को जमीन

सुत्रों के मुताबिक आशंका जताई जा रही है कि तोप-गोले-बंदूकों से बढ़कर ये लड़ाई परमाणु हमले तक पहुंच सकती है। इस युद्ध में बेलारूस रूस के लिए बड़ा मददगार साबित हो रहा है। ऐसे में फ्रांस ने इस मुद्दे में दखल देते हुए कहा कि बेलारूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद नहीं करनी चाहिए। इसी दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग की विनाश लीला को खत्म करने पर जोर देते हुए कहा कि “अब इसे जल्द से जल्द खत्म करने कि कोशिश होनी चाहिए और रूस के यूक्रेन पर हमले में सहयोगी न बनें और उनकी भावनाओ का सम्मान करें, ऐसा करने से किसी का हित नही होगा।” फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने बेलारूस के राष्ट्रपति से कहा कि “वे जल्द ही रूसी सैनिकों को बेलारूस की जमीन को छोड़ने कह दें। उन्होंने ये भी दावा किया कि बेलारूस ने रूस को अपनी जमीन पर परमाणु हथियार तैनात करने की इजाजत दे दी है।

See also  Russia-Ukraine War : डरे-सहमे से लोग, जगह-जगह दिख रही आग की लपटें… तस्वीरों में देखें रूसी हमले से यूक्रेन में मची तबाही का मंज़र

बेलारुस बना रुस का हथियार

इसके साथ ही वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी का कहना है कि यूक्रेन पर हमले के बीच बेलारूस को रूस के द्वारा एक हथियार के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी यूक्रेन की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बता दें कि बेलारूस को रूस का पक्का समर्थक माना जाता है। साथ ही यहां के मौजूदा राष्ट्रपति को रूसी राष्ट्रपति पुतिन का करीबी भी बताया जाता है। यूक्रेन के साथ जारी लड़ाई में बेलारूस खुले तौर पर रूस को समर्थन दे रहा है। इन तमाम घटनाओं को देखते हुए इस बात की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं कि अगर इस झड़प का जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो जल्द ही इसका रुप और विकराल हो सकता है। परमाणु हथियारों का प्रयोग तक की नौबत आ सकती है। हालांकि पुतिन ने पहले बयान दिया था कि परमाणु हमले की कोई नियत रूस की नहीं है।

See also  "भारत को ट्रंप का धन्यवाद करना चाहिए", जानें कौन है आशा जडेजा मोटवानी…

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर