बड़ी खबरः पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू समेत 6 लोगों को एक साल की सजा और 5000 का जुर्माना

टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को उज्जैन मारपीट मामले में 1 साल की सजा हुई है। इंदौर जिला न्यायालय ने करीब एक दशक पुराने मामले में शनिवार को फैसला सुनाया है। हालांकि कोर्ट से उन्हें जमानत मिल सकती है।

जिला न्यायालय ने अपने फैसले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू समेत 6 लोगों को एक साल की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट में फिलहाल जमानत की कार्यवाही जारी है। बता दें कि कोर्ट ने अपने फैसले में अन्य तीन आरोपी महेश परमार, हेमंत सिंह चौहान और मुकेश भाटी को बरी कर दिया। जबकि दिग्विजय सिंह, प्रेमचंद गुड्डू, जय सिंह दरबार, अनंत नारायण मीणा, असलम लाला और दिलीप चौधरी को 1 साल का कारावास और 5 हजार का जुर्माना लगाया है। हालांकि कुछ देर बाद ही पूर्व सीएम को इस मामले में जमानत मिल गई। साथ ही उन्होंने मीडिया को दिए बयान में इस पूरे मामले को झूठा करार दिया है।

क्या है पूरा मामला

मामला 17 जुलाई 2011 का है, जब दिग्विजय सिंह उज्जैन में एक निजी होटल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। यहां सिंह के काफिले को भाजयुमो कार्यकर्ता काले झंडे दिखा रहे थे। इसी दौरान दिग्विजय सिंह के समर्थकों और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई थी।

घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 4 नेताओं जयसिंह दरबार (वर्तमान में बीजेपी नेता), अनंत नारायण मीणा, मुकेश भाटी और असलम लाला पर केस दर्ज किया था। बाद में दिग्विजय सिंह और सांसद प्रेमचंद गुड्डू पर भी मामला दर्ज हुआ। दरअसल, थाने में FIR दर्ज होने के बाद शासन की ओर से कोर्ट में अर्जी दायर कर मामले में दिग्विजय सिंह, प्रेमचन्द्र गूड्डू, हेमंत चौहान और दिलीप चौधरी को भी आरोपी बनाने की मांग की गई थी।

भाजयुमो कार्यकर्ता जयंत राव की शिकायत पर जीवाजी गंज थाने उज्जैन में मामला दर्ज हुआ था। दिग्विजय सिंह पर एक भाजयुमो कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का आरोप था। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ता अमय आप्टे ने स्वयं पर जानलेवा हमले की कोशिश के भी आरोप लगाए थे।

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