अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीयन 11 अप्रैल से

नई दिल्ली। प्रतिवर्ष होने वाली अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होगी। दक्षिण कश्मीर स्थित हिमालयी क्षेत्र में 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हिमलिंग के दर्शन के लिए 43-दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के संबंध में अमरनाथ श्राइन बोर्ड की रविवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। सिन्हा ने कहा कि 43 दिवसीय पवित्र तीर्थयात्रा सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 30 जून से शुरू होगी और इसका समापन परम्परा के अनुरूप रक्षा बंधन के दिन होगा।

अमरनाथ श्राइन बोर्ड इस यात्रा के लिए 11 अप्रैल में ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करेगा तथा प्रति दिन करीब 20 हजार तीर्थ यात्री वेबसाइट के जरिए खुद पंजीकरण कर सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वाहनों और तीर्थयात्रियों के लिए आरएफआईडी आधारित ट्रैकिंग भी की जाएगी। अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से रामबन जिला के चंदेरकोट में तैयार किए जा रहे एक यात्री निवास में 3200 से ज्यादा यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था होगी।

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अमरनाथ यात्रा पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू की जाएगी। प्रतिदिन दस हजार श्रद्धालुओं को रवाना किया जाएगा। इसमें हेलिकाप्टर से पहुंचने वाले श्रद्धालु अलग होंगे। बोर्ड बालटाल से दोमेल तक 2.75 किलोमीटर लंबी यात्रा में यात्रियों को निशुल्क बैटरी कार सेवा मुहैया करवाएगा।

अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के कारण उस साल अमरनाथ यात्रा बीच में ही रद्द कर दी गई थी, जबकि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्षों- यानी 2020 और 2021 में सांकेतिक यात्रा की ही अनुमति दी गई थी। इसी बीच आज हुई बैठक में यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखने के लिए चर्चा की गई। साथ ही केंद्र सरकार से यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को यकीनी बनाने के लिए अपील की गई है।

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