Saturday, May 21, 2022
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सफलता ‘ आप ‘ की चेरी बन सकती है छत्तीसगढ़ में

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श्याम वेताल

पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली भारी सफलता के बाद पार्टी का उत्साह जहां सातवें आसमान पर है वहीं उन राज्यों के आम आदमी की निगाहें भी ‘आप ‘ पर टिक गयीं हैं जहां दो साल के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। इस क्रम में इस साल दिसंबर तक गुजरात और हिमाचल और अगले साल छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाला है।

यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि देश का सबसे बडा दल भारतीय जनता पार्टी ‘आप ‘ से दहला हुआ है वहीं कांग्रेस की हालत ‘ बचाओ – बचाओ ‘ वाली हो गयी है। इसका मुख्य कारण पंजाब ही है जहां कांग्रेस जैसे पुराने पहलवान को आप ने धोबियापाट मारकर जमीन सुंघा दी। अब स्थिति यह बन गयी है कि कांग्रेस के सामने अकेले भाजपा की चुनौती नहीं है , उसे ‘आप ‘ से भी दो – दो हाथ करने होंगे।

हिमाचल और गुजरात में तो ‘आप ‘ ने अपना संहारक त्रिशूल लहराना पहले ही शुरू कर दिया है ,छत्तीसगढ़ की गलियों में भी ‘आप ‘ के महारथियों की हुंकार सुनायी देने लगी है। निस्संदेह , छत्तीसगढ़ में इस समय कांग्रेस बहुत मजबूत है और अंगद के पैर की तरह जमी हुई है जिसे हिला पाना स्वप्न जैसा है लेकिन मौत , मच्छर , मौसम और मतदाता के मिज़ाज़ का क्या भरोसा ?

वैसे तो छत्तीसगढ़ में सत्ता संघर्ष भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। यह सिलसिला छत्तीसगढ़ के राज्य बनने से पहले से ही चल रहा है लेकिन राज्य बनने के बाद के चुनावों में हर बार तीसरी पार्टी दखल देती रही है। मसलन , 2003 के चुनाव में दिग्गज नेता विद्या चरण शुक्ल के नेतृत्व में राकांपा , 2008 और 2013 में बसपा और 2018 में जोगी कांग्रेस की दमदार मौजूदगी दोनों बड़ी पार्टियों की नाक में दम करने वाली साबित हुई थी। आंकड़े बताते हैं कि राकांपा को 7 फ़ीसदी , बसपा को पहले 6 फ़ीसदी और फिर 4 फ़ीसदी वोट मिले थे जबकि 2018 के चुनाव में जोगी कांग्रेस ने साढ़े सात प्रतिशत वोट हासिल किये थे। इससे यह तो स्पष्ट है कि राज्य में तीसरी पार्टी की गुंजाइश है।

अब ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ को लेकर गंभीर है और इसका कारण भी है। पार्टी के पास एक ऐसा रणनीतिकार है जिसने पंजाब में पार्टी को हाहाहूत सफलता दिलाने में मुख्य भूमिका निभायी। जी हां , यह रणनीतिकार श्री संदीप पाठक हैं। पार्टी ने श्री पाठक को है की पंजाब से राज्यसभा का सदस्य बनाया है। सबसे बड़ी और छत्तीसगढ़ के फायदे की बात यह है कि श्री पाठक मूल रूप से इसी राज्य के मुंगेली जिले के निवासी हैं। अब जाहिर सी बात है कि श्री पाठक अपने हुनर का लाभ अपने राज्य को जरूर देंगें।

छत्तीसगढ़ में अगले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को शायद कांग्रेस से ही सीधी लड़ाई लड़नी पड़े क्योंकि राज्य में भाजपा दिनोदिन कमज़ोर होती दिख रही है। भाजपा में अंदरूनी झगड़े , हताश नेता , दिशाहीन कार्यकर्त्ता और बेरौनक होते चेहरे पार्टी का भविष्य बता रहे हैं। इसलिए ऐसा लगता है कि राज्य में आम आदमी पार्टी का कल बेहतर से बेहतर है , बस आने वाले डेढ़ साल तक पार्टी की मौजूदगी की नुमाइश होती रहे और जनता को दिल्ली और पंजाब सरकारों के जन सरोकारों के कामों की जानकारी मिलती रहे। इसके साथ ही दिल्ली और पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार से लड़ाई के किस्से इस राज्य में आम होते रहें , शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार की बातें लोगों तक पहुंचे और आश्वासन से पहले काम करके दिखाने का विश्वास जनता के मन में बैठाये। सफलता ‘आप ‘ की चेरी न बन जाय तो कहना।

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