रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार सुबहह राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में सीएम के साथ प्रदेश के मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, अमरजीत भगत, अनिला भेड़िया और संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव उपस्थित रहे। प्रदेश की राजधानी में राष्ट्रीय जनजातीयसाहित्य महोत्सव का आयोजन आज 19 अप्रैल से रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से किया जा रहा है।

महोत्सव के शुभारंभ में सीएम ने कहा कि “एक समय था जब प्रदेश की जनजातियाँ किसी भी चीज के लिए किसी पर आश्रित नहीं थीं। केवल नमक के लिए प्रदेश की जनजातियों को बाहरी दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन समय के साथ जंगलों की कटाई होती रही और जनजातियों के ये संसाधन उनसे दूर जाते रहे। जंगलों में पेड़ लगाने के नाम पर राज्य सरकार और केंद्र संरकार दोनो ने ही केवल इमारती वृक्ष लगाए। जिससे प्रदेश की जनजातियों को कोई लाभ नहीं हुआ। इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के जंगली क्षेत्रों में केवल फलदार वृक्ष ही लगाए जाएंगे। जिससे इनका लाभ प्रदेश के जनजातियों को हो सके।”

See also  इस खबर से एयरपोर्ट पर पीने के शौकिनों को लग सकता है झटका, वित्त मंत्री ने दिया है यह सुझाव

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर