जानें क्या है आयाराम-गयाराम का पॉलिटिकल कनेक्शन

टीआरपी डेस्क। राजनीति के सबसे प्रचलित मुहावरे ‘आया राम, गया राम’ का जनक हरियाणा यूं ही नहीं है। हरियाणा के ही एक विधायक गयाराम के दलबदल के कारनामे के कारण यह कहावत शुरू हुई। फिर तो हरियाणा की राजनीति में दलबदल जैसे एक परंपरा बन गया। इस बार भी लोकसभा चुनाव की आहट महसूस होते ही निष्ठाएं बदलने का दौर शुरू हो गया। अब भी आए दिन कोई न कोई नेता पाला बदल रहा है।

यूपी में कई दिग्गज नेता चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद दल-बदल की राजनीति करते दिखाई दे रहे है। शुक्रवार को यूपी की योगी सरकार के दो मंत्री और दो विधायक इस्तीफे के बाद चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए है। यह पहली बार नहीं है, जब चुनाव के अंतिम समय नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते है। इसका इतिहास बहुत पुराना है। ऐसी राजनीतिक घटना के लिए आयाराम-गयाराम (Aaya Ram Gaya Ram) शब्द का उपयोग किया जाता है। ‘आया राम गया राम’ के पीछे बेहद रोचक कहानी जुड़ी है।

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1967 में पहली बार किया गया था उपयोग

साल 1967 में पहली बार भारत की राजनीति में ‘आया राम गया राम’ वाक्य का इस्तेमाल किया गया था। जब हरियाणा बने एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। हसनपुर से विधायक चुने गए गयालाल 24 घंटे के अंदर तीन दलों में शामिल हुए थे। पहले वह कांग्रेस से युनाइटेड फ्रंट में गए। फिर कांग्रेस में लौटे और फिर नौ घंटे के अंदर ही युनाइटेड फ्रंट में वापस शामिल हो गए।

तीन बार पार्टी बदल लेने के बाद भी जब गया राम का मन स्थिर नहीं हुआ तो कांग्रेस के तत्कालीन नेता राव बीरेंद्र सिंह उनको लेकर चंडीगढ़ पहुंचे और वहां एक प्रेस वार्ता की। उस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के नेता राव बीरेंद्र ने उस मौके पर कहा था, ‘गया राम अब आया राम हैं।’ इस घटना के बाद से भारतीय राजनीति में दलबदलुओं के लिए ‘आया राम, गया राम’ वाक्य का इस्तेमाल होने लगा। इसे रोकने के लिए संसद को दल बदल निरोधक कानून बनाना पड़ा, लेकिन वह भी नेताओं का रास्ता नहीं रोक पाई है।

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क्यों बदल लेते है नेता अपना दल

किसी भी पार्टी में नेता उसकी विचारधारा को समझकर ही शामिल होते है। हर पार्टी की अपनी एक विचारधारा होती है। लेकिन आजकल भारतीय राजनीति में नेताओं के लिए पार्टी बदलनी बेहद आम बात हो गई है। जब किसी नेता को पार्टी में सम्मान या तवज्जों नहीं मिलती है तो वो एक दिन झटके में पाला बदल लेते हैं। इसके लिए ‘आया राम गया राम’ वाक्य का भी इस्तेमाल होता है।

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