TRP DESK। इंडिया-डेनमार्क बिज़नेस फोरम,कोपेनहेगेन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत और डेनमार्क के व्यापारिक जगत ने अतीत में अक्सर एक साथ काम किया है। हमारे राष्ट्रों की ताकतें एक दूसरे की पूरक हैं।

इन दिनों सोशल मीडिया पर FOMO या ‘फियर ऑफ मिसिंग’ शब्द काफी आम है। मैं आज भारत में निवेश के अवसरों को देखते हुए कह सकता हूं कि जो लोग हमारे देश में निवेश नहीं करेंगे, वे निश्चित रूप से पीछे रह जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कोल्ड चेन, शिपिंग और पोर्ट जैसी चीजें भी अवसर प्रदान करती हैं। भारत अपनी अगली पीढ़ी के इंफ्रा के लिए ”पीएम-गति शक्ति” पर काम कर रहा है।

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