कांग्रेस ने ONE PERSON - ONE FAMILY और ONE FAMILY -ONE TICKET
कांग्रेस ने ONE PERSON - ONE FAMILY और ONE FAMILY -ONE TICKET

उदयपुर। कांग्रेस पार्टी ने उदयपुर में तीन दिन के चिंतन शिविर में कई नए संकल्प लिए। कांग्रेस ने संगठन में कई बड़े सुधार करने का फैसला किया जिसमें एक परिवार, एक टिकट (One family, one ticket) की व्यवस्था सबसे प्रमुख है जिसके साथ यह शर्त भी रखी गई है कि परिवार के किसी दूसरे व्यक्ति को टिकट तभी मिलेगा, जब उसने संगठन के लिए कम से कम 5 साल तक काम किया हो।

पार्टी ने संगठन में हर स्तर पर 50 साल की आयु से कम के लोगों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यकों को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देने तथा राज्य स्तर पर राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) बनाने का भी निर्णय लिया है। पार्टी की 6 समन्वय समितियों की अनुशंसा के आधार पर कांग्रेस ने उदयपुर नवसंकल्प जारी किया।

कांग्रेस ने पब्लिक इनसाइटट विभाग, राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान और चुनाव प्रबंधन विभाग का गठन करने का भी फैसला किया है। पार्टी ने नवसंकल्प में कहा कि अगले 90 से 180 दिन में देशभर में ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सभी रिक्त नियुक्तियां संपूर्ण कर जवाबदेही सुनिश्चित कर दी जाए। संगठन को प्रभावी बनाने हेतु ब्लॉक कांग्रेस के साथ-साथ मंडल कांग्रेस कमिटियों का भी गठन किया जाए।

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ये है कांग्रेस का नव संकल्प :

  • अगले 90 से 120 दिनों में सभी रिक्त पदों को भरा जाएगा।
  • मंडल कांग्रेस कमेटियां भी बनेंगी।
  • तीन नए विभाग: जन अंतर्दृष्टि विभाग, राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान (केरल से शुरू), चुनाव मैनेजमेंट विभाग।
  • कोई भी व्यक्ति एक ही पद पर 5 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रह सकता है।
  • CWC, PCC, DCC में 50 से कम उम्र के लोगों के लिए 50% आरक्षण होगा।
  • एक व्यक्ति, एक पद लागू होगा।
  • एक परिवार, एक टिकट 5 साल के क्लॉज के साथ लागू होगा।

प्रशिक्षण संस्थान खोलने का सुझाव

पार्टी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान का गठन किया जाए ताकि पार्टी की नीतियों, विचारधारा, दृष्टि, सरकार की नीतियों व मौजूदा ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण हो पाए। केरल स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज से इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान की शुरुआत की जा सकती है। इस नवसंकल्प में कहा गया है कि चुनाव प्रबंधन विभाग का गठन किया जाए, ताकि हर चुनाव की तैयारी प्रभावशाली तरीके से हो व अपेक्षित परिणाम निकलें।

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कांग्रेस ने यह फैसला भी किया है कि कांग्रेस कार्यसमिति, राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश, जिला, ब्लॉक व मंडल पदाधिकारियों में 50 प्रतिशत पदाधिकारियों की आयु 50 वर्ष से कम हो। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, ब्लॉक व मंडल संगठनों की इकाइयों में सामाजिक वास्तविकता प्रतिबिंबित हो, यानी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिले।

कांग्रेस ने कहा, संगठन में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू हो। इसी प्रकार, एक परिवार, एक टिकट का नियम भी लागू हो। यदि किसी के परिवार में दूसरा सदस्य राजनीतिक तौर से सक्रिय है, तो पांच साल के संगठनात्मक अनुभव के बाद ही वह व्यक्ति कांग्रेस टिकट के लिए पात्र माना जाए।

पार्टी ने फैसला किया है कि प्रदेशों के सभी मीडिया, सोशल मीडिया, अनुसंधान आदि विभागों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अंतर्गत रखकर सीधा जुड़ाव बनेगा, ताकि पार्टी का संदेश प्रतिदिन देश के कोने-कोने में फैल सके।

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