सोमानी अपहरण काण्ड सुलझाने वाले पुलिसकर्मियों को वेतनवृद्धि का पुरस्कार
सोमानी अपहरण काण्ड सुलझाने वाले पुलिसकर्मियों को वेतनवृद्धि का पुरस्कार

रायपुर। उद्योगपति प्रवीण सोमानी अपहरणकांड को सुलझाने वाले ASP रैंक के अफसरों से लेकर निरीक्षक और तमाम आरक्षकों को पुरस्कार के बतौर एक वेतनवृद्धि दी गई है। इनमें राज्य प्रशासनिक सेवा के 6, निरीक्षक स्तर के 5 और 2 उप निरीक्षक सहित कुल 65 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

10 लाख फोन कॉल और 1500 कैमरों की हुई थी जांच

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित प्रवीण सोमानी अपहरणकांड को सुलझाने के लिए रायपुर पुलिस ने 10 लाख फोन कॉल और 1500 सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल की, तब जाकर उत्तर प्रदेश से अपहृत को छुड़ाने में सफल हुई। पुलिस कप्तान का कहना था कि अपहरणकर्ता काफी शातिर थे, इसलिए फूंक-फूंक कर कदम रखना पड़ रहा था। 08 जनवरी 2020 को प्रवीण सोमानी का सिलतरा क्षेत्र से अपहरण हुआ और इस घटना से प्रदेश भर में सनसनी फैल गई थी।

यूपी तक खंगाले गए सीसी कैमरे

अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के लिए रायपुर से उत्तर-प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले रास्तों के करीब डेढ़ हजार सीसीटीवी कैमरे पुलिस ने खंगाले। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, होटल, टोल नाके में लगे सीसीटीवी खंगाले गए। पांच लाख फोन कॉल को चार दिन तक लगातार खंगाला गया। सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को क्लू मिलता गया। उसके बाद पुलिस की एक टीम तुरंत उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दी गई। अपहरणकर्ता इतने शातिर थे कि एक बार फोन करने के बाद दोबारा उस सिम का इस्तेमाल नहीं करते थे। वह सिम तोड़कर फेंक देते थे। इसके चलते पुलिस को क्लू नहीं मिल पा रहा था।

See also  CG News : इन 35 पुलिस अफसरों और कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पदक देकर किया जाएगा सम्मानित, देखें लिस्ट

हजारों ट्रेन और फ्लाइट्स के टिकट की छानबीन

पुलिस ने अलग-अलग स्टेशन और एयरपोर्ट के करीब दो हजार ट्रेन के टिकट तथा डेढ़ हजार फ्लाइट के टिकट की जांच की। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोंदेकला निवासी अनिल चौधरी का क्लू मिला, उसके बाद पुलिस को सोमानी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने में सफलता मिली।

जेल में रची गई थी साजिश

गिरफ्तार किए गए आरोपी शिशिर स्वायीन, तूफान गोंड़ और प्रदीप उर्फ बाबू तीनों ही पप्पू चौधरी के साथ सूरत जेल में बंद थे और उसी दौरान अपहरण की साजिश रची थी। अपहरण के बाद से ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की, जिसके बाद मामले में उनकी गिरफ्तारी की गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अपहरण की साजिश को लेकर वे लोग 2 बार ओडिशा में और एक बार पटना में सरगना पप्पू चौधरी से मिले थे। इसके लिए पप्पू चौधरी द्वारा उन्हें 10-10 लाख रुपए देने की बात कही गई थी।

See also  नान घोटाला- नागरिक आपूर्ति निगम के दफ्तर पहुंची EOW की टीम, मचा हड़कंप

देखिये पुरस्कृत पुलिस अधिकारियों-कर्मियों की सूची :

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर