हसदेव अरण्य मामले में सीएम ने राजनीति करने का लगाया आरोप
हसदेव अरण्य मामले में सीएम ने राजनीति करने का लगाया आरोप

कांकेर। हसदेव अरण्य में पेड़ काटे जाने का विरोध कर रहे लोगों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। कोयला चाहिए तो खदान चलानी पड़ेगी।

बढ़ा-चढ़ा कर बता रहे हैं पेड़ों की संख्या

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भानुप्रतापपुर में प्रेस वार्ता ली। इस दौरान हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस साल यहां 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन कुछ लोग 8 लाख पेड़ कटने का हल्ला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितने पेड़ कटेंगे उतने यहां लगेंगे भी। वहीं जितनी जरूरत होगी उतना ही कोयला दिया जाएगा।

CM ने कहा कि, जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे पहले अपने घर की बिजली बंद कर दें। AC, कूलर, पंखा, फ्रीज सब बंद करें और फिर मैदान में आकर लड़ें।

गौरतलब है कि परसा कोल ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई का काम शुरू हुआ है, जिसका काफी विरोध हो रहा है। खदान की अनुमति के लिए विशेष ग्राम सभा के नहीं होने के भी आरोप लग रहे हैं, जिसके संबंध में सरगुजा कलेक्टर ने सफाई दी है कि कोल बेयरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहित करने से विशेष ग्राम सभा की जरुरत नहीं पड़ती। बहरहाल हसदेव अरण्य को लेकर विरोध जारी है और ग्रामीणों के अलावा विभिन्न संगठन अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।

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