ऑनलाइन गेम्स 15 देशों में प्रतिबंधित-भारत में प्रतिबन्ध को लेकर कोई कानून नहीं
ऑनलाइन गेम्स 15 देशों में प्रतिबंधित-भारत में प्रतिबन्ध को लेकर कोई कानून नहीं

नई दिल्ली। ऑनलाइन गेम्स के बढ़ते प्रचलन देश और समाज के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बच्चों में इसका दुष्प्रभाव इस कदर बढ़ चुका है कि बच्चे हिंसक होते जा रहे हैं । हाल ही में लखनऊ की घटना ने ऑनलाइन गेम्स के प्रति समाज को एक बड़ा संदेश दिया है।

जिसमें एक बच्चे ने पब जी गेम खेलने के लिए मना करने पर अपनी मां को ही  मौत के घाट उतार दिया। ऑनलाइन गेम्स 15 देशों में प्रतिबंधित है,  चीन में हफ्ते में 3 घंटे खेल सकते हैं, लेकिन भारत में इस पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है। अक्सर, ऑनलाइन गेम्स की लत और इनकी वजह से होने वाले खतरनाक नतीजों की खबरें सामने आती रहती हैं। दुनिया के कई देश इस गेम्स या कहें लत से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर हैं। दूसरी तरफ, भारत में अब तक इन्हें लेकर कोई सख्त या पुख्ता नियम नहीं हैं।

पाबंदी के बाद भी रहा बेअसर

दुनिया के 15 देश कई साल पहले ही वीडियो/ऑनलाइन गेम्स पर तरह-तरह के बैन लगा चुके हैं। चीन ने भी 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हफ्ते में 3 घंटे से ज्यादा ऑनलाइन गेम नहीं खेलने के लिए नए नियम बना दिए हैं। जबकि, चीन दुनिया में वीडियो गेम का सबसे बड़ा मार्केट है।  भारत अभी तक ऑनलाइन गेम्स को लेकर कोई सख्त कानून नहीं बना पाया है। हालांकि, भारत पबजी जैसे कई चाइनीज ऑनलाइन गेम्स पर दो साल पहले ही पाबंदी लगा चुका है, लेकिन अब भी ये गेम उपलब्ध हो रहे हैं।

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ये टेक्नोलॉजी एडिक्शन

इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमेन बिहैवियर एंड एलाइड साइंस के पूर्व निदेशक डाॅ. निमेश जी देसाई के अनुसार  मोबाइल गेम्स की लत से बच्चों और किशोरों, यहां तक कि वयस्कों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। कुछ मामलाें में माेबाइल लेने से बच्चे डीप डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसे टेक्नाेलाॅजी एडिक्शन कह सकते हैं। जेएएमए नेटवर्क ओपन की रिसर्च के अनुसार, जाे बच्चे गन वायलेंस वाले वीडियो गेम खेलते हैं, उनमें गन पकड़ने और ट्रिगर दबाने की ज्यादा इच्छा होती है। 200 बच्चों पर रिसर्च के बाद यह नतीजे मिले हैं।

सबसे खतरनाक है ऑनलाइन गेमिंग का एडिक्शन

आज का यूथ किताबों से ज्यादा ऑनलाइन गेमिंग में टाइम बिता रहा है। इसीलिए इंटरनेट एडिक्शन एक बीमारी हो गई है। कुछेक मामले तो ऐसे भी देखने को मिले हैं, जहां गेमिंग से मना करने पर बच्चों ने हत्या या सुसाइड जैसे एक्सट्रीम कदम उठा लिए हैं।

लखनऊ में PUBG न खेलने देने से बेटे ने मां को मारी गोली

लखनऊ में एक महिला की हत्या हुई। हत्या का आरोप महिला के ही 16 साल के बेटे पर है। उसने तीन दिनों तक घर में 10 साल की बहन के साथ मां की लाश को रखा। हत्या की वजह मोबाइल गेम PUBG बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि PUBG न खेलने देने से नाराज किशोर ने मां को 6 गोलियां दाग दीं। मर्डर के बाद पार्टी भी की। हालांकि पुलिस पूछताछ में मर्डर की एक दूसरी वजह भी सामने आ रही है। 

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