शरद पवार
विपक्ष को लगा एक और झटका -शरद पवार का राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने से इंकार

नई दिल्ली। देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार, प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा प्रत्याशी को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस पहले ही गैर कांग्रेसी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने का हैसला कर चुकी है। इसके बाद से गैर कांग्रेसियों में मंथन का दौर जारी है।

इस बीच राकांपा के प्रमुख शरद पवार आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया है। ऐसी चर्चा थी कि संयुक्त विपक्ष शरद पवार को अपना उम्मीदवार बना सकती है। शरद पवार ने अपने नेताओं और मंत्रियों के साथ बैठक में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर अपने नाम की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि वह विपक्ष का उम्मीदवार नहीं बनेंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा है कि वह भाजपा के खिलाफ आम सहमति के उम्मीदवार पर पहुंचने के लिए विपक्षी और समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करने में सबसे आगे होंगे। पवार ने ये बातें तब कही हैं जब महाराष्ट्र कांग्रेस और आप ने विपक्ष की पसंद के रूप अपना समर्थन दिया था।

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आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए शरद पवार से मुलाकात भी की थी। वहीं पवार और राकांपा सांसद प्रफुल्ल पटेल 15 जून को तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई विपक्षी और समान विचारधारा वाले दलों की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में आम सहमति से भाजपा के प्रत्याशी के खिलाफ विपक्ष के किसी गंभीर उम्मीदवार के नाम पर चर्चा की जाएगी।

मुंबई में पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद राकांपा के एक मंत्री ने फ्री प्रेस जर्नल को बताया, ”हमारी पार्टी के अध्यक्ष ने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया कि वह विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके बजाए उन्होंने कहा है कि वह भाजपा के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक संयुक्त रणनीति और आम सहमति के उम्मीदवार को मजबूत करने के लिए विपक्षी और समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करेंगे। हमारे अध्यक्ष ने यह भी कहा कि एनसीपी के देश में बहुत कम सांसद और विधायक हैं और पार्टी विपक्ष और समान विचारधारा वाले दलों द्वारा अंतिम रूप दिए गए उम्मीदवार का समर्थन करेगी।

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शरद पवार और प्रफुल पटेल मंगलवार और बुधवार को दिल्ली में रहेंगे। पवार ने विपक्षी और समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया है। ऐसी चर्चा थी कि संयुक्त विपक्ष शरद पवार को अपना उम्मीदवार बना सकती है। शरद पवार ने अपने नेताओं और मंत्रियों के साथ बैठक में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर अपने नाम की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि वह विपक्ष का उम्मीदवार नहीं बनेंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा है कि वह भाजपा के खिलाफ आम सहमति के उम्मीदवार पर पहुंचने के लिए विपक्षी और समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करने में सबसे आगे होंगे।

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले, यह पवार ही थे जिन्होंने आप और कांग्रेस से भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक सहमति बनाने का आग्रह किया था। हालांकि, बात नहीं बन पाई। दिल्ली और पंजाब समेत कई राज्यों में आप और कांग्रेस एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होगा। चुनाव के लिए सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों ने अब तक किसी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया। राष्ट्रपति पद के लिए 2017 में हुए चुनाव में विपक्षी दलों ने मीरा कुमार का समर्थन करके चुनाव लड़ा था, जो रामनाथ कोविंद से हार गई थीं।

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